ED ने चंदा कोचर और उनके पति से 8 घंटे की पूछताछ, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

यह मामला 2009 और 2011 के दौरान आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी देने में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्ट आचार से संबंधित है.

नई दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर 1,875 करोड़ रुपये के वीडियोकॉन ऋण मामले की जांच के संबंध में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए, और एजेंसी ने उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की.

कोचर दंपत्ति मंगलवार सुबह खान मार्केट इलाके में स्थित ईडी मुख्यालय पहुंचे, और उनसे शाम सात बजे तक पूछताछ की गई. उनसे कुछ दस्तावेज लाने को कहा गया है. एजेंसी के अधिकारियों ने कोचर दंपत्ति से वीडियोकॉन समूह के प्रमोटर और चेयरमैन वेणुगोपाल धूत से उनके सौदे तथा उनके बीच हुए आर्थिक लेन-देन के बारे में पूछताछ की.

अवैध लेन-देन से जुड़ा है मामला
यह मामला 2009 और 2011 के दौरान आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी देने में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्ट आचार से संबंधित है. ईडी को अवैध लेन-देन से संबंधित सबूत मिले थे, जिसमें दीपक कोचर की कंपनी न्यूपॉवर को करोड़ों रुपये दिए गए थे.

कोचर दंपति से पिछले महीने मुंबई में कई बार पूछताछ हुई थी. दिल्ली में कोचर दंपति पहली बार ईडी के समक्ष पेश हुए. ईडी ने मार्च में अपनी जांच के तहत कोचर दंपत्ति के आवास तथा कार्यालय परिसरों की सिलसिलेवार तलाशी ली थी और चंदा तथा उनके पति दीपक कोचर के साथ-साथ धूत से पूछताछ भी की थी.

चंदा कोचर पर है ये आरोप
धूत ने कथित रूप से दीपक की कंपनी ‘न्यूपॉवर रीन्यूवेबल्स लिमिटेड’ में अपनी कंपनी ‘सुप्रीम इनर्जी’ के माध्यम से निवेश किया था, जिसके बदले में चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक से ऋण को मंजूरी दिला दें.

वीडियोकॉन समूह को दिए गए कुल 40,000 करोड़ रुपये के ऋण में से 3,250 करोड़ रुपये का ऋण आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दिया गया था और आईसीआईसीआई के ऋण का बड़ा हिस्सा 2017 के अंत तक बकाया था. बैंक ने बकाया ऋण के 2,810 करोड़ रुपये को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया था.

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