चंद्र कुमार बोस ने BJP को फिर मुश्किल में डाला, कहा- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से नहीं कोई फायदा

चंद्र कुमार बोस ने कहा कि मेरी समझ में डॉ. मुखर्जी के नाम का उपयोग बंगाल या बाकी देश में लोगों से जुड़ने में बीजेपी की कोई मदद नहीं करने वाला है.

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के परपोते और बंगाल बीजेपी उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने एक बार फिर पार्टी को असमंजस में डालने वाला बयान दिया है. बोस ने बीजेपी की पूर्व पार्टी जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मौजूदा चुनावी दौर में कम महत्वपूर्ण करार दिया है. बोस ने रविवार को कहा कि बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी है श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में नहीं.

बोस ने कहा कि मेरी समझ में डॉ. मुखर्जी के नाम का उपयोग बंगाल या बाकी देश में लोगों से जुड़ने में पार्टी की कोई मदद नहीं करने वाला है. उन्होंने कहा कि आज के समय में अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी बंगाली और देश के बाकी लोगों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के मुकाबले ज्यादा मशहूर हैं.

चंद्र कुमार बोस ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उसे तृणमूल कांग्रेस के विकल्प के तौर पर बड़ा बनने के लिए स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बताए रास्तों पर आगे बढ़ना होगा. पश्चिम बंगाल में साल 2021 में होनेवाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी वहां काफी तैयारी कर रही है. नागरिकता कानून और एनआरसी इसके लिए काफी बड़ा मुद्दा हो सकता है.

इससे पहले चंद्र कुमार बोस ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर पार्टी लाइन से अलग बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि नागरिकता कानून में पड़ोसी मुल्कों के मुसलमानों को भी शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘अगर नागरिकता संशोधन एक्ट का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है तो फिर हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन का नाम क्यों लिया जा रहा है. इसमें मुस्लिमों को क्यों नहीं शामिल कर लेते हैं ? हमें पारदर्शी होने की जरूरत है.’

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