चंद्रबाबू नायडू को मिला रिवरफ्रंट अमरावती का बंगला खाली करने का नोटिस

कृष्णा जिला प्रशासन ने रविवार रात को नायडू के बंगले (Bungalow) के दरवाजे पर नोटिस चस्पा किया है और सोमवार तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू को अमरावती में कृष्णा नदी के किनारे स्थित रिवरफ्रंट हाउस को खाली करने का नोटिस दिया गया है. इलाके में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए मकान खाली करने के लिए कहा गया है.

कृष्णा जिला प्रशासन ने रविवार रात को नायडू के बंगले के दरवाजे पर नोटिस चस्पा किया है और सोमवार तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है. प्रशासन ने नायडू के अलावा 32 अन्य लोगों के घरों पर भी नोटिस चस्पा किया है.

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राज्य राहत आयुक्त कन्ना बाबू के मुताबिक, विजयवाड़ा में प्रकाशम बैराज तक लगभग छह लाख क्यूसेक बाढ़ के पानी के पहुंचने की आशंका है. पानी बैराज से मुश्किल से दो किलोमीटर दूर स्थित है. बाढ़ आने से सभी आवासों के जलमग्न होने की संभावना है.

पिछले साल भी दिया गया था नोटिस

हालांकि, नायडू शुक्रवार को ही अपने परिवार के साथ हैदराबाद के लिए रवाना हो गए थे. बंगला मूल रूप से प्रख्यात रियल्टर लिंगमनी रमेश द्वारा निर्मित एक गेस्ट हाउस था, जिसे 2015 में नायडू को 2015 में पट्टे पर दिया था.

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तब से नायडू इसे अपने आधिकारिक बंगले के रूप में उपयोग कर रहे थे. आपको बता दें कि पिछले साल भी चंद्रबाबू नायडू को घर खाली करने का नोटिस दिया गया था.

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