Chandrayaan 2: मायूसियों के बीच पीएम ने वैज्ञानिकों का बढ़ाया हौसला, जानिए किसने क्या कहा?

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि संपर्क उस समय टूटा, जब विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले स्थान से 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था

नई दिल्ली: भारत के चंद्र मिशन को शनिवार तड़के उस समय झटका लगा, जब लैंडर विक्रम से चंद्रमा के सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया. इसके साथ ही 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन का भविष्य अंधेरे में झूल गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने संपर्क टूटने की घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पहले तक लैंडर का प्रदर्शन योजना के अनुरूप था.

उन्होंने कहा कि उसके बाद उसका संपर्क टूट गया.

शनिवार तड़के लगभग 1.38 बजे जब 30 किलोमीटर की ऊंचाई से 1,680 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से 1,471 किलोग्राम का विक्रम चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ना शुरू किया, तब सबकुछ ठीक था.

इसरो ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह मिशन कंट्रोल सेंटर है. विक्रम लैंडर योजना अनुरूप उतर रहा था और गंतव्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक उसका प्रदर्शन सामान्य था. उसके बाद लैंडर का संपर्क जमीन पर स्थित केंद्र से टूट गया. डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है.”

इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क केंद्र के स्क्रीन पर देखा गया कि विक्रम अपने निर्धारित पथ से थोड़ा हट गया और उसके बाद संपर्क टूट गया.

पीएम मोदी ने निराश वैज्ञानिकों का बढ़ाया हौसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने बहुत अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और यह यात्रा जारी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. यह कम बड़ी उपलब्धि नहीं है. इस देश को आप पर गर्व है. आने वाले समय में हम सब बेहतरी की उम्मीद करते हैं. मैं आपको बधाई देता हूं. आप सबने देश, विज्ञान और मानवता की बड़ी सेवा की है. मैं हर तरह से आपके साथ हूं. पूरे साहस के साथ आगे बढ़िए..”

इसरो ने दिखाई कठोर प्रतिबद्धता : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 मिशन को लेकर इसरो की टीम ने अनुकरणीय प्रतिबद्धता और साहस का प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, “देश को इसरो पर गर्व है. हम सभी बेहतर की उम्मीद करते हैं.”

देश इसरो के साथ खड़ा है : कांग्रेस

‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट जाने के बीच कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि देश इसरो के साथ खड़ा है और उसका प्रयास व्यर्थ नहीं जाएगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसरो वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मिशन पर बेहतरीन काम किया तथा कई और महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों की नींव रखी है.

गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘इसरो को ‘चंद्रयान-2’ मिशन पर उसके बेहतरीन कार्य के लिए बधाई. आपका भाव और समर्पण हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा है. आपका काम व्यर्थ नहीं जाएगा. इसने कई और महत्वपूर्ण तथा महत्वाकांक्षी भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की नींव रखी है.’’

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि समूचा देश इस समय इसरो की टीम के साथ खड़ा है. अंतरिक्ष एजेंसी के कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता ने देश को गौरवान्वित किया है.

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट किया कि इसरो की टीम का समर्पण और कठिन परिश्रम ‘‘हम सभी के लिए एक प्रेरणा है.’’

केजरीवाल ने वैज्ञानिकों से कहा दुखी न हों

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि विक्रम लैंडर से संपर्क टूट जाने के बाद भी चंद्रयान-2 मून मिशन में इसरो के वैज्ञानिकों ने बेहतरीन कार्य किया. केजरीवाल ने कहा, “हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है. उन्होंने इतिहास रचा है. निराश होने की जरूरत नहीं है. हमारे वैज्ञानिकों ने उम्दा काम किया है. जय हिंद.”

वैज्ञानिकों पर गर्व है : हर्षवर्धन

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 पर इसरो का प्रयास पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण क्षण था. हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, “प्रिय इसरो के वैज्ञानिक भारत को आप पर गर्व है. चंद्रयान-2 के लिए आपने अपना सर्वोत्तम दिया.”

उन्होंने कहा कि आपके साहस की कोई तुलना नहीं है. मुझे अटल जी की कविता याद आ रही है- ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा.’

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उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि भविष्य में हमारे वैज्ञानिक इस मिशन को पूरा करेंगे.