चंद्रयान-2 ने छोड़ा पृथ्‍वी का ऑर्बिट, 6 दिन बाद चांद के इलाके में करेगा एंट्री

चंद्रयान -2 ने लूनर ट्रांसफर ट्रैजेक्टरी में प्रवेश कर लिया है. इसरो के अनुसार, चंद्रयान-2, 20 अगस्त 2019 को चांद की कक्षा में पहुंचेगा.

चांद पर भेजे गए भारतीय स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 ने बुधवार को सफलतापूर्वक लूनर ट्रांसफर ट्रैजेक्टरी (एलटीटी) में प्रवेश कर लिया है. यह जानकारी इंडियन स्पेस एजेंसी ने दी. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के अनुसार, चंद्रयान की ऑर्बिट को बढ़ाने को लेकर तड़के 2.21 बजे स्पेसक्राफ्ट के मोटरों को 1,203 सेकेंड्स के लिए फायर किया गया था.

इसरो ने कहा, “इसके साथ ही चंद्रयान -2 ने लूनर ट्रांसफर ट्रैजेक्टरी में प्रवेश कर लिया है. इससे पहले स्पेसक्राफ्ट की ऑर्बिट को 23 जुलाई से 6 अगस्त 2019 के बीच पांच गुना बढ़ाया गया था.”

जीएसएलवी एमके3-एम1 वाहन द्वारा 22 जुलाई, 2019 को लॉन्च किए जाने के बाद से स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान -2 के सभी सिस्टम सामान्य रूप से प्रदर्शन कर रहे हैं. इसरो के अनुसार, चंद्रयान-2, 20 अगस्त 2019 को चांद की कक्षा में पहुंचेगा.

भारत के भारी लिफ्ट रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क तीन (जीएसएलवी एमके3) की मदद से 22 जुलाई को चंद्रयान-2 को 170 गुना45, 475 की कक्षा में स्थापित किया गया था. स्पेसक्राफ्ट में तीन सेगमेंट है- ऑर्बिटर (वजन 2,379 किलोग्राम, आठ पे लॉड्स), लैंडर विक्रम (1,471 किलोग्राम, चार पे लॉड्स) और एक रॉवर प्रज्ञान (27 किलोग्राम, दो पे लॉड्स).

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