उन्नाव गैंगरेप: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीड़िता की मां को दिए गए 25 लाख रुपये

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता सड़क हादसे के पांचवें दिन भी वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रही है. उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.

लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी सरकार की तरफ से उन्नाव रेप पीड़िता के परिजनों को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये दिए गए हैं. पीड़िता के परिवार वालों को जिलाधिकारी श्री कौशल राज शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री कलनिधि नैथानी के द्वारा 25 लाख का चेक सौंपा गया है.

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता सड़क हादसे के पांचवें दिन भी वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रही है. उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. उसकी हालत में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है, जबकि उसके वकील महेंद्र सिंह की हालत में कुछ सुधार देखा गया है. केजीएमसी के प्रवक्ता डॉ़ संदीप तिवारी ने गुरुवार को बताया कि पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. दुर्घटना में उसकी जैसी हालत हो गई, वैसी स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आता है.

उन्होंने बताया कि पीड़िता के वकील की सेहत में कुछ सुधार देखने को मिला है. 10 घंटे ऑक्सीजन के सहारे रखे जाने के बाद उन्हें कुछ देर के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया. यह क्रम कई दफा चला.

डॉ़ तिवारी ने बताया कि पीड़िता की सीटी स्कैन रिपोर्ट लगभग सामान्य है. उसके खून के नमूने लेकर कई तरह की जांच कराई गई है. डॉक्टरों की टीम दोनों मरीजों की निगरानी कर रही है.

दुष्कर्म पीड़िता रविवार को अपनी चाची, मौसी और अधिवक्ता के साथ कार से रायबरेली जिला कारागार में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी, तभी बारिश के दौरान रायबरेली में दोपहर करीब एक बजे सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी थी. हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. चाची दुष्कर्म मामले में सीबीआई की गवाह थीं, जबकि गंभीर रूप से घायल पीड़िता व अधिवक्ता का लखनऊ स्थित ट्रमा सेंटर में इलाज चल रहा है.

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