मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस विजया ताहिलरमानी ने दिया इस्‍तीफा, ये है वजह

मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस विजया के ताहिलरमानी का कार्यकाल अक्‍टूबर 2020 में खत्‍म हो रहा था.

मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस विजया के ताहिलरमानी ने शुक्रवार को इस्‍तीफा दे दिया. उन्‍हें मद्रास हाई कोर्ट से मेघालय हाई कोर्ट ट्रांसफर करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लिया था. कॉलेजियम ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से मना कर दिया था.

इसके तीन दिन बाद, CJ ताहिलरमानी ने त्‍यागपत्र दे दिया. वह अभी हाई कोर्ट जजों की ऑल-इंडिया सीनियॉरिटी लिस्‍ट में टॉप पर हैं. वह अगस्‍त 2018 से मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस थीं, उन्‍हें अक्‍टूबर 2020 में रिटायर होना था. द इंडियन एक्‍सप्रेस के अनुसार, जस्टिस ताहिलरमानी ने शुक्रवार को त्‍यागपत्र सौंपा.

अगर इस्‍तीफा मंजूर होता है तो देश में केवल जम्‍मू-कश्‍मीर हाई कोर्ट ही एक ऐसा हाई कोर्ट बचेगा जिसका नेतृत्‍व किसी महिला के हाथ में होगा. चीफ जस्टिस गीता मित्‍तल वहां लीड कर रही हैं.

हाई कोर्ट जजों के इस्‍तीफे नई बात नहीं हैं, मगर कॉलेजियम के साथ असहमति के बाद इस्‍तीफा दुर्लभ है. 2017 में, कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस जयंत पटेल ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किए जाने पर इस्‍तीफा दे दिया था. तब कर्नाटक हाई कोर्ट के सबसे सीनियर जज रहे जस्टिस पटेल ने कोई वजह नहीं बताई थी.

28 अगस्‍त को, कॉलेजियम ने सिफारिश की थी कि जस्टिस ताहिलरमानी को ‘न्‍याय के बेहतर प्रशासन हेतु’ मेघालय हाई कोर्ट स्‍थानांतरित किया जाए. उसी दिन कॉलेजियम ने मेघालय HC के चीफ जस्टिस एके मित्‍तल को मद्रास हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने का फैसला किया.

जब जस्टिस ताहिलरमानी से मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के मुताबिक जवाब मांगा गया तो उन्‍होंने 2 सितंबर को कॉलेजियम से ट्रांसफर को रीकंसीडर करने की गुजारिश की. 3 सितंबर को कॉलेजियम ने अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही.

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