एलएसी पर तनाव: चाइना स्टडी ग्रुप के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक, चीन से इन पहलुओं पर होगी बात

अगले कोर कमांडर स्तर (Corps Commander Level) की बैठक के लिए तारीख तय होनी बाकी है. यह चीन के साथ परामर्श से पारस्परिक रूप से तय किया जाएगा.

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पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में भारत और चीन (India-China) के बीच होने वाली शांति की कोशिशों के बीच शुक्रवार को सरकार से उच्च अधिकार प्राप्त चाइना स्टडी ग्रुप ने एलएसी की स्थिति को लेकर एक समीक्षा बैठक की. इस बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि भारत एलएसी पर अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल करने पर फोकस करेगा. उम्मीद है कि भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत की तारीख एक-दो दिन में तय हो सकती है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सीएसजी से करीब 90 मिनट की मुलाकात में बीजिंग के साथ संबंधों को लेकर चर्चा की. इसमें शीर्ष सलाहकार संस्था के कई लोगों ने हिस्सा लिया. सूत्र कहते हैं कि अगले कोर कमांडर स्तर की बैठक के लिए एक तारीख तय होनी बाकी है. यह चीन के साथ परामर्श से पारस्परिक रूप से तय किया जाना है.

चिंता की बात हैं ये महत्वपूर्ण प्वॉइन्ट्स

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक फिलहाल चिंता की बात ऐसे प्वॉइन्ट्स हैं, जहां टकराव की स्थिति है. इन बिन्दुओं पर बातचीत के बाद अन्य चीज़ों पर भी खुलकर चर्चा की जाएगी. चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की बातचीत और 5 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति के बाद चाइना स्टडी ग्रुप यानी सीएससी की यह पहली बैठक थी.

विदेश मंत्रियों की बैठक में 5 सूत्रीय सहमति

विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि वर्तमान सीमा क्षेत्र में स्थिति किसी भी पक्ष के हित में नहीं है. दोनों ही पक्ष इस दौरान बातचीत जल्द जारी रखने के लिए सहमत हुए, जिससे जल्द से जल्द तनाव कम किया जा सके.

इसलिए बढ़ा विवाद

अगस्त के अंत से तनाव बढ़ गया है, जब भारतीय सैनिकों ने एलएसी के साथ की हाईट्स पर मज़बूत पकड़ हासिल कर ली है. सैनिकों द्वारा चीनी सैनिकों की चाल को नाकाम करते हुए कार्रवाई की गई थी. पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट पर और गुरुंग हिल, मगर हिल के पास और रेजांग ला और रेचिन ला पर भारत के कंट्रोल के बाद इसका रणनीतिक लाभ मिला है. दक्षिण बैंक पर कार्रवाई के बाद, भारतीय सैनिकों ने झील के उत्तरी किनारे पर अपनी स्थिति को फिर से संगठित किया था.

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