अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ये आरोप, थरूर बोले- BJP अध्यक्ष ने इतिहास की कक्षा में नहीं दिया ध्यान

गौरतलब है कि लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करते समय शाह ने लोकसभा में धार्मिक आधार पर बंटवारे के लिए कांग्रेस पर दोष मढ़ा था.
citizenship amendment bill, अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ये आरोप, थरूर बोले- BJP अध्यक्ष ने इतिहास की कक्षा में नहीं दिया ध्यान

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक(Citizenship Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान लोकसभा(Loksabha) में तीखी बहस हुई. गृहमंत्री अमित शाह(Home Minister Amit Shah) की ओर से कांग्रेस पर देश बंटवारे का आरोप लगाया गया. इस पर शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी अध्यक्ष ने इतिहास की कक्षा में ध्यान नहीं दिया था क्योंकि द्विराष्ट्र सिद्धांत का प्रतिपादन सिर्फ हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने किया था.

गौरतलब है कि लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करते समय शाह ने लोकसभा में धार्मिक आधार पर बंटवारे के लिए कांग्रेस पर दोष मढ़ा था. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा कि बीजेपी के ‘बहुसंख्यक हिंदी, हिंदुत्व, हिंदुस्तान’ विचार पर धीरे-धीरे राज्यों से प्रतिरोध बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि हिंदी थोपने को दक्षिण स्वीकार नहीं करेगा जिसके लिए बीजेपी पहले ही ऐसा करने की ताक में है. इसी तरह हिंदुत्व का भी बहुत सारा एजेंडा विंध्य के दक्षिण में नहीं चल पाएगा.’

उन्होंने कहा कि देश भर में एनआरसी लागू करने के गृहमंत्री शाह के प्रयास पर भी क्षेत्रीय दलों के शासन वाले राज्यों में गंभीर समस्या होगी. धार्मिक आधार पर बंटवारे के लिए कांग्रेस पर दोष मढ़ने की शाह की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सचमुच में उन्होंने इतिहास की कक्षाओं में ध्यान नहीं दिया था.’

थरूर ने कहा कि इस पर कांग्रेस से असहमत होने वाले दलों में हिंदू महासभा थी, जिसने 1935 में निर्णय किया कि हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, दूसरा मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लीम लीग का भी यही विचार था. उन्होंने कहा, ‘केवल वही सब थे जिन्हें लगता था कि हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं. इस अवधि में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व एक मुस्लिम, मौलाना आजाद कर रहे थे, जो 1945 तक अध्यक्ष रहे.’

शाह पर हमला बोलते हुए थरूर ने कहा, ‘वे हर चीज के लिए कांग्रेस पर दोष मढ़ते हैं. सिर्फ कांग्रेस और नेहरू को जिम्मेदार बताते हैं. कल दिल्ली में मौसम खराब होगा तो वे नेहरू को जिम्मेदार ठहराएंगे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि असम में ‘त्रुटिपूर्ण’ एनआरसी के कारण सरकार ने नागरिकता विधेयक लाने का कदम उठाया.

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