Delhi Violence: PIL पर बोले CJI बोबड़े- कोर्ट इसे रोक नहीं सकता, हम पर एक तरह का दबाव महसूस होता है

सीजेआई एसए बोवड़े ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे कि अदालत जिम्मेदार है. हम अखबारों को भी पढ़ते हैं, हम इस मामले को सुनेंगे लेकिन यह समझना होगा कि अदालत घटना के बाद आती है.

नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सोमवार को कोर्ट में पिछले दिनों हुई हिंसा और भड़ाकाऊ भाषण को लेकर पीआईएएल (जनहित याचिका) दाखिल गई है. याचिका पर सुनवाई से पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस एसए बोबड़े ने तल्ख लहजे में बड़ी टिप्पणी की है.

सीजेआई (CJI) एसए बोवड़े ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि लोगों को मरना चाहिए, लेकिन इस तरह का दबाव कोर्ट नहीं संभाल सकता. यह उम्मीदें होती है कि यह अदालत दंगा रोक सकती है. हम केवल एक बार कुछ हो जाने के बाद ही कुछ कर सकते हैं. हम पर एक तरह का दबाव महसूस होता है.”

सीजेआई एसए बोवड़े ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे कि अदालत जिम्मेदार है. हम अखबारों को भी पढ़ते हैं, हम इस मामले को सुनेंगे लेकिन यह समझना होगा कि अदालत घटना के बाद आती है. कोर्ट इसे रोक नहीं सकता. हम शांति की अपील करते हैं लेकिन हम जानते हैं कि हमारी शक्तियों की सीमाएं हैं.

इसके अलावा माकपा नेता वृंदा करात ने बीजेपी नेताओं अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगी. बीजेपी नेताओं के खिलाफ दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान हेट स्पीच देने के मामले की शिकायत की है.

हेट स्पीच मामला
अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने कि मांग सीजेआई के समक्ष मेंशन की गई हैं. कोलिन गोंसॉलविस ने कल सुनवाई कि मांग कि है. उन्होंने कहा कि रोजाना 10 लोग मर रहे हैं. चीफ जस्टिस ने कहा हाईकोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर रहा है. सीजेआई ने कहा कि हम शांति चाहते हैं. अब बुधवार को होगी सुनवाई.

वृंदा करात ने की शिकायत
CPM नेता वृंदा करात दवारा बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ हेट स्पीच देने पर मुकदमा दर्ज करने की याचिका पर रॉउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई टली. कोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा.

क्या कहा करात ने
दरअसल वृंदा करात ने स्पेशल MP/ MLA में याचिका दाखिल कर कहा था कि दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं ने शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए, इसके बाद वहां गोलियां चलीं. करात की मांग है कि हेट स्पीच देने के लिए इन सांसदों और नेताओं के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज करें, कोर्ट आज इसी पर फैसला सुनाने वाली थी.

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