शहीद हेमंत करकरे पर विवादित बयान देने वाली साध्वी प्रज्ञा को सीएम फडणवीस ने दी यह नसीहत

फडणवीस ने कहा, दिवंगत करकरे बहुत बहादुर और तेजतर्रार पुलिस अधिकारी थे और उन्हें हमेशा शहीद के तौर पर याद किया जाएगा.

नई दिल्ली: बीजेपी उम्मीदवार और मालेगांव विस्फोट मामले की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के ख़िलाफ़ विवादास्पद बयान देकर विरोधियों के साथ-साथ अपनी पार्टी के निशाने पर भी आ गई हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने माना कि साध्वी का यह बयान बेहद आपत्तिजनक था. शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को एटीएस के प्रमुख रहे दिवंगत हेमंत करकरे पर विवादित बयान नहीं देना चाहिए था.

फडणवीस ने कहा, ‘‘दिवंगत करकरे बहुत बहादुर और तेजतर्रार पुलिस अधिकारी थे और उन्हें हमेशा शहीद के तौर पर याद किया जाएगा. साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी उनकी निजी राय है और हम इसका समर्थन नहीं करते.” उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने माफी भी मांगी है और कहा है कि यह (बयान) व्यक्तिगत दर्द के कारण दे दिया.हालांकि मुझे लगता है कि इस तरह के बयान कभी नहीं दिये जाने चाहिए.”

बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने पहले किया विरोध फिर पलटे

बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने पहले तो साध्वी प्रज्ञा के बयान का विरोध किया लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गए और कहा कि शहीद हेमंत करकरे से संबंधित ट्वीट मैंने नहीं डाला किसी ने मेरे ट्विटर हैंडल का दुरुपयोग किया .

मेरठ से बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने ट्वीट किया, “शहीद” हेमंत करकरे ATS के ऐसे प्रमुख थे जो आतंकवादियों से मुकाबला करने के लिए बिना तैयारी के गए तथा जिनकी जीप आतंकवादियों ने छीन कर अपनी गतिविधियों में उसका उपयोग किया.

मगर बाद बीजेपी सांसद अपने बयान से पलट गए और दोबारा ट्वीट कर कहा कि शहीद हेमंत करकरे से संबंधित ट्वीट मैंने नहीं डाला किसी ने मेरे ट्विटर हैंडल का दुरुपयोग किया.

क्या है मामला

गौरतलब है कि भोपाल में बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने शुक्रवार को 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के ख़िलाफ़ विवादित बयान दिया. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हेमंत करकरे ने उन्हें गलत तरीके से फंसाया है. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि एक अधिकारी ने हेमंत करकरे से उन्हें छोड़ने का कहा था लेकिन करकरे ने कहा था कि वे कुछ भी करेंगे, सबूत लाएंगे लेकिन साध्वी को नहीं छोड़ेंगे.

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हेमंत करकरे का यह कदम देशद्रोह था, धर्मविरुद्ध था. साध्वी बोलीं, ”ये उसकी कुटिलता थी ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए.” सभा में साध्वी ने कहा, ”मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिस दिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ.”

गौरतलब है कि हेमंत करकरे मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे. इसके अलावा जिस केस में साध्वी प्रज्ञा आरोपी थीं, उस मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच उनके पास ही थी. हालांकि, उनकी चार्जशीट पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे. बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल लोकसभा सीट से उतारा है.

प्रज्ञा ठाकुर और दिग्विजय सिंह एक-दूसरे के खिलाफ पहले कई बार निशाना साध चुके हैं. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि दिग्विजय सिंह द्वारा भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद शब्द कहना गलत है.