एक हजार स्कूलों में CCTV लगाएगी दिल्ली सरकार, पेरेंट्स मोबाइल से कर सकेंगे निगरानी

केजरीवाल सरकार ने स्कूलों में छात्र-छात्रओं की सुरक्षा के लिए करीब डेढ़ लाख सीसीटीवी लगाने की योजना लागू की है. इस पूरी योजना पर करीब 600 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा.

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में CCTV लगाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लाजपत नगर के शहीद हेमू कलानी सर्वोदय बाल विद्यालय में 211 कैमरे लगाए गए हैं.

खास बात ये है कि इन कैमरों की फीड/वीडियो अभिभावक घर बैठे फोन पर देख सकेंगे. शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाजपत नगर के शहीद हेमू कलानी सर्वोदय विद्यालय में कैमरे लगाने की इस योजना का शुभारंभ किया.

इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने लगभग 1000 स्कूलों में सीसीटीवी लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसे इस साल के अंत तक पूरा करना है.

‘DGS LIVE AAP’ पर अभिभावक देख सकेंगे फीड

स्कूल में लगे कैमरों की फीड मां-बाप घर बैठे अपने मोबाइल फोन पर एक ऐप के जरिए देख सकेंगे. इसके लिए उन्हें अपने फोन पर DGS LIVE APP इंस्टॉल करनी होगी और रजिस्टर करने के बाद वे अपने बच्चों पर नज़र रख सकेंगे.

‘हमारी मंशा ठीक है, वर्ना अभिभावकों के मोबाइल पर फीड ना देते’

योजना का शिलान्यास कार्यक्रम में केजरीवाल ने इस योजना को अनूठा बताया. CM केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में ये पहली बार हो रहा है कि स्कूल में लगे कैमरे की लाइव फीड उनके पेरेंट्स के मोबाइल पर दी जा रही है. इसका विरोधियों ने खूब विरोध किया, कोर्ट में भी केस किया लेकिन हमें लगता था ऐसा करने से हालात सुधरेंगे, बच्चे अच्छे से पढ़ पाएंगे. साथ ही कैमरे अगर खराब होते हैं तो सरकार की जवाबदेही होगी, यही लोकतंत्र है.

‘अभी मन में डर है लेकिन आगे फायदा होगा’

इस योजना के बारे में हमने छात्रों से बात की तो उनका कहना है कि नहीं सीसीटीवी पर मम्मी-पापा हमें देख पाएंगे इससे हमारे मन में अभी डर है लेकिन हमें लगता है कि हमारे भविष्य के लिए अच्छा है और आने वाले समय में इससे हमें ही फायदा होगा. वहीं स्कूलों में कैमरे लगाने के इस कदम से अभिभावक खुश हैं, उनको लगता है कि जो शरारती बच्चे उनके बच्चों को परेशान करते हैं, ऐसे में स्कूल प्रशासन उनपर नजर रख पाएगा.

‘टीचर एसोसिएशन कर रही विरोध’

सरकारी स्कूलों में कैमरे लगाने का GSTA यानी गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन विरोध कर रही है. GSTA के महासचिव अजय वीर यादव का कहना है कि इससे शिक्षकों का मनोबल गिरेगा और शिक्षक की मुख्य भूमिका जो बच्चों को पढ़ाने की है उसपर असर पड़ेगा क्योंकि शिक्षक को अब कैमरे के हिसाब से चलना होगा.

सरकारी स्कूलों में कैमरे लगाने की योजना का विरोध नया नहीं है इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई जिसमें कहा गया था कि सरकारी स्कूलों में कैमरे लगाना मतलब बच्चों की निजता में दखल देना है.

इस याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से 6 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा था. निजता में दखल के इस सवाल पर सीएम केजरीवाल ने कहा कि बच्चे कोई प्राइवेट काम करने नहीं आते, स्कूल में बच्चे पढ़ने आते हैं, अच्छा नागरिक बनने आते हैं, इससे कौनसी प्राइवेसी खराब होगी?

आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार ने स्कूलों में छात्र-छात्रओं की सुरक्षा के लिए करीब डेढ़ लाख सीसीटीवी लगाने की योजना लागू की है. कैमरों को लगाने वाली कंपनी CP PLUS ही 5 साल के लिए देखरेख की जिम्मेदारी संभालेगी. इस पूरी योजना पर करीब 600 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा.