स्कूटर से करते सफर, टपरी पर पीते चाय, CM मनोहर पर्रिकर से जुड़ी ये बातें कर देंगी कायल

साल 2001 में उनकी पत्नी मेधा की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद दोनों बेटों की जिम्मेदारी अकेले मनोहर पार्रिकर ने सम्भाली.

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अब हमारे बीच नही रहे हैं. आज 63 साल की उम्र में रविवार देर शाम उनका निधन हो गया. मनोहर पर्रिकर ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सादगी का हर कोई कायल था. वे गोवा के चार बार सीएम रहे और शायद ही देश में ऐसा कोई मुख्यमंत्री रहा होगा जिसने किसी भी प्रकार की वीआईपी सुविधाओं का लुत्फ नहीं उठाया हो, लेकिन मनोहर पर्रिकर ने कभी भी सरकार सुविधाएं नहीं लीं. वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने थे जो कि आईईटियन थे.

साल 2001 में उनकी पत्नी मेधा की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद दोनों बेटों की जिम्मेदारी अकेले मनोहर पर्रिकर ने सम्भाली. गोवा के सीएम होने के बावजूद वे सारी सुख-सुविधाओं के साथ अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, बल्कि केवल अपनी सैलरी से अपने बच्चों की परवरिश की. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के तौर पर मिलने वाला आवास भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया और अपने एक छोटे से घर में परिवार के साथ जीवन यापन किया.

Manohar Parrikar, स्कूटर से करते सफर, टपरी पर पीते चाय, CM मनोहर पर्रिकर से जुड़ी ये बातें कर देंगी कायल

विधानसभा जाने के लिए सीएम को मिलने वाली गाड़ियां और सरकारी सुविधाएं भी वे नहीं लेते थे. मनोहर पर्रिकर विधानसभा जाने के लिए अपने स्कूटर का इस्तेमाल करते थे. खासकर गोवा के बाहर, किसी आम इंसान की तरह रिक्शा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए वे काफी मशहूर थे. पर्रिकर अक्सर इकॉनोमी क्लास में सफर करते थे.

इसके अलावा वे किसी बड़े रेस्तरां में बैठकर खाना खाने के शौकीन भी नहीं थे. उन्हें जहां कहीं अच्छी जगह दिखाई देती, चाहे वह कोई ठेला ही क्यों न हो, वे वहीं अपना स्कूटर रोक लेते और अपनी मनपसंद चीज खाने लगते. उन्हें कई बार अपना स्कूटर रोककर सड़क किनारे किसी टपरी पर चाय पीते देखा गया है. एक बहुत ही दिलचस्प किस्सा आपको बताते हैं. एक दिन एक ऑडी सवार ने एक स्कूटर सवार को टक्कर मार दी थी. ऑडी में सवाल लड़का गुस्से से बाहर निकला और स्कूटर सवार से कहने लगा कि जानता नहीं मैं डीएसपी का बेटा हूं. इसके बाद स्कूटर ने अपना हेल्मेट उतारा और कहा कि “भाई मैं गोवा को मुख्यमंत्री हूं, गाड़ी धीरे चलाया करो.”

वहीं उनके ड्रेसिंग स्टाइल की बात करें तो उसे देखकर कोई नहीं कह सकता था कि यह व्यक्ति किसी राज्य का सीएम हो सकता है. पर्रिकर सादी कमीज और पेंट पहनते थे. सादगी भरी जिंदगी और ईमानदारी के बलबूते मनोहर पर्रिकर को लोग काफी पसंद करते हैं. वे ऐसे सीएम रहे जिनकी छवि पर एक भी दाग नहीं था और उनका नाम कभी किसी घोटाले में नहीं आया.