CPCB के एप पर डाटा दें नगर निगम और राज्य, Covid-19 बायोमेडिकल कचरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

पिछले हफ्ते पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है. जिसने बायोमेडिकल कचरे पर नज़र रखने और निगरानी करने को महत्वपूर्ण बताया.
Covid 19 biomedical waste, CPCB के एप पर डाटा दें नगर निगम और राज्य, Covid-19 बायोमेडिकल कचरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

COVID-19 बायोमेडिकल कचरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्य प्रदूषण बोर्डों और नगर निगमों को आदेश दिया है. आदेश के मुताबिक इन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा बनाए गए COVID-19 BWM एप्लिकेशन पर बायोमेडिकल कचरे का डाटा अपलोड करना होगा. डाटा अपलोड में बताना होगा कि कितना कचरा इकट्ठा हुआ और कितना नष्ट किया गया.

पिछले हफ्ते पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है. जिसने बायोमेडिकल कचरे पर नज़र रखने और निगरानी करने को महत्वपूर्ण बताया.

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ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, EPCA ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी एक स्टडी में बताया है कि राजधानी दिल्ली में निकल रहे COVID-19 बायोमेडिकल कचरे की मात्रा मई में 25 टन प्रतिदिन से बढ़कर जुलाई में प्रतिदिन 349 टन तक हो गई है.

इस स्टडी में CPCB द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में जून में प्रतिदिन 372 टन कोविड-19 बायोमेडिकल कचरा निकला. शहर में दो कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटीज- एसएमएस वाटर ग्रेस प्राइवेट लिमिटेड और बायोटिक वेस्ट सॉल्यूशन लिमिटेड हैं जो प्रतिदिन 24 टन और 50 टन कचरे का निदान कर सकते हैं.

वहीं, दक्षिण दिल्ली नगर निगम और उत्तरी दिल्ली नगर निगम पर मरीजों के घरों से COVID-19 बायोमेडिकल वेस्ट जमा कर कचरे को बिजली बनाने वाले संयंत्रों में भेजते हैं.

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