एक्‍सक्‍लूसिव: बीजेपी नेता का बड़ा बयान- ‘सेना के नाम पर न हो सियासत’

किरोड़ी सिंह बैंसला गत 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में दोबारा शामिल हुए हैं. उन्हें अमित शाह से हरी झंडी मिलने के बाद पार्टी में शामिल किया गया.

जयपुर: लोकसभा चुनाव में सेना के नाम पर राजनीति कर रही बीजेपी पर अब उसके अपने ही नेता सवाल उठाने लग गए हैं. राजस्थान के कद्दावर गुर्जर नेता और हाल ही में बीजेपी में दोबारा शामिल हुए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने टीवी 9 भारतवर्ष के साथ एक्सलूसिव इंटरव्यू में कहा है कि सेना के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए.

किरोड़ी बैंसला ने कहा, “सेना को अपना काम करने देना चाहिए. जो लोग काम करते हैं, उन्हीं को शाबाशी को मिलती है.”

दोबारा भाजपा में हुए हैं शामिल
बता दें कि बैंसला गत 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में दोबारा शामिल हुए हैं. उन्हें अमित शाह से हरी झंडी मिलने के बाद पार्टी में शामिल किया गया.

राजस्थान बीजेपी का एक धड़ा उनको पार्टी में शामिल करने का पक्षधर नहीं था. वहीं दूसरी ओर कर्नल बैंसला के बीजेपी में जाने के बाद गुर्जर आंदोलन संघर्ष समिति में भी दो फाड़ हो गए हैं.

गुर्जर समाज के साथ धोखा करने का आरोप
आंदोलन के दूसरे प्रमुख चेहरे हिम्मत सिंह ने कर्नल बैंसला पर गुर्जर समाज के साथ धोखा करने के आरोप लगाया है. बैंसला के बीजेपी में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि ‘कर्नल बैंसला गुर्जर आरक्षण के नाम पर अपनी राजनीति चमका रहे थे.’

हिम्मत सिंह ने कहा, “बैंसला का ये फैसला आंदोलन से जुड़े युवाओं और अन्य लोगों के साथ धोखा है. बैंसला के ऐसा करने के बाद गुर्जर समाज और आरक्षण संघर्ष समिति ने उनको बर्खास्त कर दिया है.”

कांग्रेस में जाना चाहते थे बैंसला
गौरतलब है कि बैंसला पहले कांग्रेस में जाने की भी जुगत में थे. और अपने बेटे के लिए लोकसभा का टिकट मांग रहे थे. लेकिन, सचिन पायलट के विरोध के कारण उनकी कांग्रेस में एंट्री नहीं हो पाई थी.

इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि न तो बीजेपी ने उनके बेटे को टिकट दिया है और न ही उनको, लेकिन राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि उनको राज्यसभा में भेजने का लॉलीपॉप बीजेपी के केंद्रीय नेताओं की ओर से दिया गया है.