आदिवासियों और दलितों का भारत बंद आज, CPM ने किया समर्थन

कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिन) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि 5 मार्च के भारत बंद में उच्च शिक्षण संस्थानों की नियुक्तियों में 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर लागू करने, शैक्षणिक व सामाजिक रूप से भेदभाव, वंचना व बहिष्करण का सामना नहीं करने वाले सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रद्द करने जैसी कई मांगें शामिल हैं.

लखनऊ: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिन) ने आरक्षण और संविधान पर मोदी सरकार के हमलों के खिलाफ सामाजिक संगठनों के 5 मार्च को भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया है. पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को आईपीएन को भेजे बयान में भारत बंद की प्रमुख मांगों के बारे में विस्तार से बताया.

उन्होंने कहा कि 5 मार्च के भारत बंद में उच्च शिक्षण संस्थानों की नियुक्तियों में 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर लागू करने, शैक्षणिक व सामाजिक रूप से भेदभाव, वंचना व बहिष्करण का सामना नहीं करने वाले सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रद्द करने, आरक्षण की अवधारणा बदलकर संविधान पर हमले बंद करने जैसी मांगें शामिल हैं.

इसके अलावा देशभर में 24 लाख खाली पदों को भरने, लगभग 20 लाख आदिवासी परिवारों को वनभूमि से बेदखल करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरी तरह निरस्त करने के लिए अध्यादेश लाने, पिछले साल 2 अप्रैल के भारत बंद के दौरान बंद समर्थकों पर दर्ज मुकदमे व रासुका हटा कर उन्हें रिहा करने आदि मांगें शामिल हैं.

माले राज्य सचिव ने कहा कि जब पूरा देश पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और गमजदा माहौल में शांति की अपीलें करने में लगा है, उस समय प्रधानमंत्री मोदी समेत शीर्ष भाजपा नेता अपना वोट, बूथ मजबूत करने, युद्धोन्माद भड़काने और फर्जी राष्ट्रभक्ति का इस्तेमाल कर अपना चुनाव परिणाम ठीक करने में लगे हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में आतंकवाद की घटनाएं बढ़ी हैं. नोटबंदी कर आतंकवाद की कमर तोड़ने का दावा फर्जी साबित हुआ लेकिन सरकार सर्जिकल स्ट्राइक में 300 से ऊपर आतंकियों को मार गिराने जैसे बिना सबूत दावे कर झूठ पर झूठ बोले जा रही है. मंगलवार को भारत बंद भाजपा को हटाने और देश को बचाने के लिए भी है.

(आईएएनएस)