CJI पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिला सुप्रीम कोर्ट में करेंगी अपील

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण जो कि याचिकाकर्ता के भी वकील है ने कहा, "शिकायतकर्ता खुद गोगोई के पास अपील दायर करेंगी."
CJI, CJI पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिला सुप्रीम कोर्ट में करेंगी अपील

नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी जल्द ही CJI के समक्ष सुप्रीम कोर्ट से उनकी बर्खास्तगी के खिलाफ अपील दायर करेंगी. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण जो कि याचिकाकर्ता के भी वकील है ने कहा, “शिकायतकर्ता खुद गोगोई के पास अपील दायर करेंगी.”

मालूम हो कि याचिकाकर्ता महिला कर्मचारी, जिसे CJI के कार्यालय में तैनात किया गया था, ने 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को भेजे गए हलफनामे में CJI गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. हलफनामे के मुताबिक, साल 2018 में 10 और 11 अक्टूबर को CJI ने उसके साथ दो बार अनुचित व्यवहार किया था. हालांकि CJI ने इन आरोपों का खंडन किया और उन्हें न्यायपालिका पर हमला बताया है.

हालांकि महिला का कहना है कि CJI ने जिस दिन उसका उत्पीड़न किया उसके बाद कई अलग-अलग विभागों में उसका तीन बार ट्रांसफर किया गया. इसके बाद दिसंबर 2018 में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. बर्खास्त करने के तीन कारण उन्हें बताए गए- जिनमें शनिवार को बिना इजाजत के छुट्टी लेना भी एक कारण बताया.

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महिला का कहना था कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद उनके पूरे परिवार को भी इसका सामना करना पड़ा. याचिकाकर्ता के मुताबिक उनके पति और पति के भाई जो कि दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं, उन्हें भी साल 2012 में हुए एक झगड़े को लेकर 28 दिसंबर 2018 को निलंबित कर दिया गया.

जिसके बाद महिला ने CJI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची. जिसने आंतरिक समिति की जांच के आधार पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को क्लीन चिट दे दी थी. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक याचिकाकर्ता महिला अब नौकरी से निकाले जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है.

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