कांग्रेस ने लगाया वेंटिलेटर्स की सप्लाई में देरी का आरोप, कहा- जवाब दें केंद्र सरकार

कांग्रेस (Congress) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ (Gaurav Vallabh) ने कहा, "BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) ने एक वर्चुअल रैली में कहा था कि जून के अंत तक देश में 60 हजार एडिशनल वेंटिलेटर्स (Ventilators) आ जाएंगे, जबकि PMO 23 जून तक केवल 1,340 का आंकड़ा ही दे रहा है.''
gourav vallabh congress press, कांग्रेस ने लगाया वेंटिलेटर्स की सप्लाई में देरी का आरोप, कहा- जवाब दें केंद्र सरकार

कभी कोरोनावायरस (Coronavirus) तो कभी भारत-चीन मामले को लेकर, कांग्रेस (Congress) के सरकार पर हमले लगातार जारी हैं. रविवार को कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ (Gaurav Vallabh) ने केंद्र सरकार पर वेंटिलेटर्स की खरीद को लेकर सवाल उठाए.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, “दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लॉकडाउन (Lockdown) को पॉज बटन माना था और सभी देशों को इस अवधि में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की सलाह दी गई थी. हर हिंदुस्तानी को अपनी सरकार से भी यही उम्मीद थी. देश ने पिछले दिनों अहमदाबाद के अस्पताल में बदहाल स्थिति से लेकर हिमाचल प्रदेश के BJP अध्यक्ष की कोरोना के इलाज के लिए इक्‍यूपमेंट्स की खरीद के बदले घूसखोरी देखी. अहमदाबाद में खराब वेंटिलेटर्स (Ventilators) की सप्लाई भी देश ने देखी.”

देरी से कम वेंटिलेटर्स की सप्लाई का लगाया आरोप

उन्होंने आगे कहा कि 31 मार्च को सरकार ने 40 हजार वेंटिलेटर्स खरीदने का ऑर्डर दिया, जिसमें 30 हजार स्कैन रे टेक्नोलॉजी और 10 हजार एग्वा हेल्थकेयर कंपनी (Agva Healthcare) से खरीदने की बात थी. 23 जून को PM केयर फंड (PM Care Fund) में 50 हजार वेंटिलेटर्स की खरीद के लिए 2,000 करोड़ रुपये बांटे गए.

उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि 31 मार्च को जो 40 हजार वेंटिलेटर्स खरीदने की बात थी, क्या वह 23 जून वाले 50 हजार वेंटिलेटर्स की खरीद का हिस्सा है या उससे अलग है? 23 जून तक केवल 1,340 वेंटिलेटर्स की आपूर्ति की गई. इस ढाई महीने के दौरान केवल इतने कम वेंटिलेटर्स की आपूर्ति ही क्यों? इस देरी का जिम्मेदार कौन है?

पीएम केयर फंड में धांधली का लगाया आरोप

उन्होंने आगे कहा, “PM केयर फंड से 50,000 वेंटिलेटर्स के लिए 2000 करोड़ रुपये बांटे गए यानी एक वेंटिलेटर की कीमत 4 लाख रुपये. PM केयर में पैसा PSUs का है. एग्वा हेल्थकेयर कंपनी अपने वेंटिलेटर्स की कीमत मात्र 1.5 लाख रुपये बता रही है. ये अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये कहां गए? भारत सरकार जब कोई ऑर्डर देती है, तो उसकी प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी (Competitively Auctioned) या खुली टेंडरिंग होती है. क्या स्कैन रे और एग्वा हेल्थकेयर को वेंटिलेटर का ऑर्डर देने के लिए इसका पालन किया गया था?”

खराब किस्म के वेंटिलेटर्स खरीदने का लगाया आरोप

गौरव ने कहा कि एग्वा हेल्थकेयर कंपनी के वेंटिलेटर्स के बारे में डॉक्टर्स, एक्सपर्ट्स और अस्पतालों का कहना है कि इस कंपनी के वेंटिलेटर किसी काम के नहीं हैं. इस आपदा के समय सरकार लोगों के जीवन से यह खिलवाड़ क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा, “BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) ने एक वर्चुअल रैली में कहा था कि जून के अंत तक देश में 60 हजार एडिशनल वेंटिलेटर्स आ जाएंगे, जबकि PMO 23 जून तक केवल 1,340 का आंकड़ा दे रही है, इसलिए हमारे सवालों का जवाब वो जरूर दें.”

देखिये #अड़ी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर शाम 6 बजे

Related Posts