हरियाणा में गुटबाजी रोकने के लिए सोनिया का बड़ा फैसला, हुड्डा और शैलजा को बड़ी जिम्‍मेदारी

राज्‍य के पूर्व सीएम और कद्दावर कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अशोक तंवर से मतभेद बेहद गहरे हो चले थे.

नई दिल्‍ली: कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने हरियाणा के मौजूदा अध्‍यक्ष अशोक तंवर को हटाकर कुमारी शैलजा को प्रदेश की कमान सौंप दी है. वहीं, भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता और चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन चुना गया है. हरियाणा में हुआ यह फेरबदल भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, क्‍योंकि वह काफी समय से नाराज चल रहे थे.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्‍यक्ष चुना जाना यह बताता है कि नवंबर 2019 में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में वही पार्टी का नेतृत्‍व करेंगे और सीएम पद के दावेदार भी होंगे.

राज्‍य के पूर्व सीएम और कद्दावर कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अशोक तंवर से मतभेद बेहद गहरे हो चले थे. पिछले काफी समय से भूपेंद्र सिंह हुड्डा बागी तेवर दिखा रहे थे. सूत्रों के हवाले से यहां तक खबरें आईं कि हुड्डा ने शीर्ष नेतृत्‍व को पार्टी छोड़ने तक की धमकी दे डाली थी. हालांकि, ऑन कैमरा उन्‍होंने अशोक तंवर को हटाने की बात पर कुछ नहीं कहा.

TV9Bharatvarsh की रिपोर्टर सुप्रिया भारद्वाज से बात करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘आलाकमान ने जो फैसला लिया है, मुझे मंजूर है. पूरा प्रयास करेंगे कि कांग्रेस की सरकार बने. ना मैं दबाव की राजनीति करता हूं और ना दबाव में आता हूं.’

यह बात ठीक है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की नाराजगी को ध्‍यान में रखते हुए पार्टी ने उनकी कई मांगों को मान लिया और अशोक तंवर को अध्‍यक्ष पद से हटा दिया, लेकिन कुमारी शैलजा और हुड्डा के बीच भी रिश्‍ते ठीक नहीं रहे हैं. कुमारी शैलजा को सोनिया गांधी का विश्‍वास प्राप्‍त है. वह उन गिने-चुने कांग्रेस नेताओं में एक हैं, जिन सोनिया गांधी आंख मूंदकर भरोसा करती हैं.

प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर कुमारी शैलजा ने कहा, ‘मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी डाली गई है, हम साथ मिलकर काम करेंगे.’