कृषि अध्यादेश पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का दावा, ‘राज्य में कांग्रेस सरकार आई तो खत्म कर देंगे काला कानून’

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hudda) ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी कृषि संबंधी तीन अध्यादेशों पर चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र की मांग करती है.

Bhupinder singh Hooda

हरियाणा (Haryana) के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hudda) ने मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से पारित किसान फसल खरीद संबंधी तीनों अध्यादेशों को किसान विरोधी बताया. उनका कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्य विधानसभा के विशेष सत्र की मांग करती है.

करनाल अनाज मंडी में किसानों और कमीशन एजेंटों के साथ बात करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाना चाहती है, इसलिए उन्हें बांटने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों पर सरकार को अपना फैसला थोपने नहीं देगी और मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी.

हुड्डा ने कहा कि कृषि अध्यादेशों का मंडियों पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से एक और अध्यादेश लाने की मांग की जिससे यह सुनिश्चित हो कि किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सके. साथ ही अगर खाद्दान्न को MSP से नीचे लाया जाता है तो क्रेता पर कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस नेता ने अध्यादेशों और किसानों पर इसके असर की चर्चा के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार को कुरुक्षेत्र के पिपली में विरोध करने के लिए किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को भी वापस लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विशेष विधानसभा सत्र की मांग के लिए हम जल्द ही राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलेंगे. हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा की जाए क्योंकि ये किसानों के लिए जरूरी है.

हुड्डा ने कहा कि किसानों की सहमति के बिना तीन कृषि क्षेत्रों के बिलों को संसद में पेश करना तानाशाही व्यवहार है. उनकी पार्टी कानूनों के ‘जबरन’ क्रियान्वयन का विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर एक जन आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार है.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि अगर सरकार किसानों पर जबरन इस कानून को लागू करती है तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही ‘काले कानून’ को समाप्त कर दिया जाएगा.

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