कर्नाटक: कैबिनेट गठन में देरी को लेकर बोले सिद्धारमैया- लोकतंत्र है या तानाशाही

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल पर भी निशाना साधा है.

बेंगलुरु: कांग्रेस नेता पूर्व CM सिद्धरमैया ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के लिये आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र ठप पड़ गया है.

पूर्व CM सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर निशाना साधते हुए कहा कि सिद्धारमैया ने कहा, “बीएस येदियुरप्पा ने शपथग्रहण में बड़ी जल्दबाजी दिखाई, लेकिन कैबिनेट विस्तार करने में ये जल्दबाजी गायब है. बाढ़ और अकाल से लोग असहाय है, प्रशासन ने काम करना बंद कर दिया है, ये लोकतंत्र है या तानाशाही.”

गौरतलब है कि येदियुरप्पा ने 29 जुलाई को विश्वासमत हासिल किया था, इसके बाद 5 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है.

‘मंत्रियों को सबसे ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था’

मालूम हो कि कर्नाटक के कुछ इलाकों में मॉनसून सक्रिय है तो कुछ इलाके सूखा झेल रहे हैं. सिद्धारमैया ने कहा है कि इस मौके पर जब कृषि मंत्रालय, राजस्व मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय के मंत्रियों को सबसे ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था वे कहीं दिख भी नहीं रहे हैं.

राज्यपाल पर भी साधा निशाना

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला पर भी निशाना साधा है. सिद्धारमैया ने ट्वीट किया, “विश्वास मत के दौरान राज्यपाल लगातार नोट्स भेज रहे थे, अब मैं उनके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि इस सरकार में कोई मंत्री नहीं हैं और क्या इसकी वजह से राज्य के लोग तकलीफ नहीं झेल रहे हैं.”

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए सवाल

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने भी मंत्रिमंडल विस्तार में देरी पर सवाल उठाए हैं. राव ने ट्वीट किया, “CM को शपथ लिये आठ दिन हो गए और मंत्री परिषद का अब तक गठन नहीं हुआ तथा ऐसी संभावनाएं भी नहीं दिखतीं. ऐसा लगता है कि येदियुरप्पा अगले कुछ और दिनों तक शासन पर एकाधिकार रखना चाहते हैं.”

केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिलने का इंतजार

मंत्रिमंडल गठन के लिये विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचना और सत्ताधारी खेमे के दबाव के बीच येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले हफ्ते अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय नेतृत्व से इस पर चर्चा करेंगे. प्रदेश भाजपा के सर्वोच्च सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में पांच-छह दिन का समय लग सकता है क्योंकि CM को केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद ही इस पर काम होगा.