सिटिजन बिल पर शिवसेना के समर्थन से कांग्रेस ख़फ़ा, कहा- मायने नहीं रखते 4-5 मंत्री पद

लोकसभा में नागरिक संशोधन बिल पर शिवसेना ने समर्थन दिया है. शिवसेना के समर्थन देने से महाराष्ट्र में उनकी सहयोगी कांग्रेस ख़फा नजर आ रही है.

लोकसभा में नागरिक संशोधन बिल पर शिवसेना ने समर्थन दिया है. शिवसेना के समर्थन देने से महाराष्ट्र में उनकी सहयोगी कांग्रेस ख़फा नजर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की ओर कहा गया कि लोकसभा में शिवसेना के रूख से वो हैरान हैं और पार्टी के लिए चार पांच मंत्री मायने नहीं रखते.

महाराष्ट्र का सियासी संकट सभी ने देखा. काफी दिनों के बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर सरकार बनाई. हालांकि शिवसेना और बाकी दो दलों की विचारधाराओं में जमीन आसमान का अंतर है लेकिन फिर भी तीनों ने साथ मिलकर सरकार बनाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को सीएम बनाया था.

लोकसभा में सोमवार-मंगलवार की रात नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया. बिल के समर्थन में 311 वोट पड़े, समर्थन करने वालों में शिवसेना के सांसद भी थे. हालांकि राज्यसभा में पार्टी इस बिल के विरोध में वोट डालने का प्लान बना रही है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब तक आगे की स्थिति साफ नहीं हो जाती तब तक वह आगे इस बिल पर केंद्र सरकार का साथ नहीं देंगे.

हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने वाले उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनको (बीजेपी) भ्रम है कि जो भी कोई असहमती जताता है वह देशद्रोही होता है. ठाकरे ने कहा कि उनको (बीजेपी) लगता है कि सिर्फ उन्हें ही देश की चिंता है. इसी के साथ शिवसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन बिल से जुड़े सुझाव केंद्र सरकार को दिए हैं और उनका कहना है कि उनके संशोधनों को राज्यसभा में गंभीरता से लिए जाए.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस बिल पर अपना रुख सख्त करते हुए केंद्र से सवाल किया है कि ‘ये शरणार्थी कहां रहेंगे? किस राज्य में रहेंगे? यह सब साफ किया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि जब तक ये सभी चीजें साफ नहीं हो जाती हैं तब तक वह नागरिकता बिल पर सरकार को सपोर्ट नहीं करेंगे. मालूम हो कि लोकसभा में पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. राज्यसभा में शिवसेना के तीन सांसद हैं.