गरीबों के खाते में 6 महीने तक 7500 रुपए… कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों ने केंद्र के सामने रखीं ये 11 मांगें

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने नरेंद्र मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को जनता के साथ क्रूर मजाक करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संघवाद की भावना के खिलाफ काम कर रही है और सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय तक सीमित हो गई हैं.
Congress led opposition parties, गरीबों के खाते में 6 महीने तक 7500 रुपए… कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों ने केंद्र के सामने रखीं ये 11 मांगें

कांग्रेस (Congress) समेत अन्य 22 विपक्षी दलों ने देश में कोरानावायरस (Coronavirus) संकट को लेकर शुक्रवार को विस्तार से चर्चा की. विपक्ष ने केंद्र सरकार पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने में विफल रहने का आरोप लगाया. इनका कहना था कि इस समय नया और समग्र वित्तीय पैकेज घोषित करने, संसदीय कामकाज बहाल करने और राज्य सरकारों को पूरी मदद मुहैया कराने समेत कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है. विपक्ष ने कुल 11 मांगे सरकार के सामने रखी हैं.

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विपक्षी दलों की 11 मांगे इस प्रकार हैं…

1. इनकम टैक्स के बाहर आने वाले हर परिवार के खाते में छह महीने तक प्रति माह 7,500 रुपए जमा किए जाएं जिसमें से दस हजार की मदद तत्काल की जाए.

2. अगले छह महीने तक हर जरूरमंद को मुफ्त प्रति महीने दस किलो अनाज दिया जाए. साथ ही मनरेगा के तहत काम के दिन बढ़ाकर 200 किए जाएं.

3. सरकार प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अपने घर पहुंचाए. साथ ही विदेश में फंसे भारतीयों की घर वापसी की व्यवस्था भी की जाए.

4. कोरोना के संक्रमण, टेस्टिंग, स्वास्थ्य ढांचे से जुड़ी वास्तविक जानकारी मुहैया की जाए.

5. श्रम कानून को कमजोर करने के लिए हुए बदलाव वापस लिए जाएं.

6. रबी की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तत्काल खरीदी जाए और फसल को मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए. खरीफ फसल के लिए बीज, खाद आदि की खरीद में मदद की जाए.

7. महामारी से सीधी लड़ाई लड़ रहे राज्य सरकारों को पर्याप्त फंड दिए जाएं.

8. सरकार साफ तौर पर लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति बताए.

9. संसद और संसदीय कमिटियों की कार्यवाही को फिर से बहाल किया जाए.

10. केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज ने देश को भ्रमित किया. इसलिए अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के लिए सरकार संशोधित और विस्तृत पैकेज का एलान करे और स्पष्ट आर्थिक नीति लेकर आए.

11. अंतराष्ट्रीय/घरेलू उड़ानों को शुरू करने से पहले राज्य सरकारों से सलाह लें.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में चार घंटे से अधिक समय तक तक बैठक चली. इसके बाद जारी संयुक्त बयान में इन दलों ने केंद्र से ये मांगें रखी.

सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को जनता के साथ क्रूर मजाक करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संघवाद की भावना के खिलाफ काम कर रही है और सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय तक सीमित हो गई हैं.

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