शशि थरूर ने फैलाया ऐसा झूठ कि जावेद अख्‍तर को कहना पड़ा- इस शख्‍स पर भरोसा मत करना

मशहूर शायर मिर्जा गालिब के जन्मदिन के बारे में शशि थरूर ने एक गलत ट्वीट कर दिया.
Shashi Tharoor, शशि थरूर ने फैलाया ऐसा झूठ कि जावेद अख्‍तर को कहना पड़ा- इस शख्‍स पर भरोसा मत करना

नई दिल्ली. अंग्रेजी में भारी भरकम शब्दों को इस्तेमाल करने के लिए चर्चित कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) उर्दू की शायरी लिखकर उसको क्रेडिट देने में चूक कर गए. दरअसल, थरूर ने शनिवार को तीन शेर ट्वीट किए और मिर्जा गालिब को इसका क्रेडिट देते हुए उनको 220वें जन्मदिन पर याद किया.

थरूर ने ट्वीट किया, “खुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा? सभी बंदे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा? ऐ खुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना, वरना मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा और रखना मेरे दुश्मनों को भी महफूज़, वरना मेरी तेरे पास आने की दुआ कौन करेगा.”

हालांकि, शनिवार को न तो मिर्जा गालिब की जयंती थी और न ही ये शेर उनके थे. कुछ समय बाद खुद थरूर ने इसी ट्वीट पर लिखा कि गालिब का आज जन्मदिन नहीं है, उनको गलत जानकारी मिली है. अभी भी थरूर को मालूम नहीं चला था कि ये शेर मिर्जा गालिब का नहीं है.

इसके बाद कई लोगों के साथ ही लेखक और गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने उनको सुधारा. अख्तर ने थरूर के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए लिखा, “शशि जी, जिस किसी ने आपको ये लाइनें दी हैं उसपर कभी भरोसा मत कीजिएगा. साफ है कि किसी ने ये लाइनें आपके जखीरे में इस मकसद से रख दीं ताकि आपकी साहित्यिक साख को नुकसान पहुंचाया जा सके.”

थरूर ने बाद के ट्वीट में अख्तर को टैग करते हुए लिखा, “जावेद अख्तर और अन्य दोस्तों का शुक्रिया जिन्होंने मुझे मेरी गलती का एहसास करवाया. ये लाइनें गालिब की नहीं हैं. जिस तरह हर अच्छा कोट विंस्टन चर्चिल का बताया जाता है, भले ही उन्होंने इसे नहीं कहा हो ठीक उसी तरह जब लोगों को कोई शायरी पसंद आ जाती है तो इसको गालिब से जोड़ देते हैं. मैं माफी चाहता हूं.”

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