पी चिदंबरम को बचाने के लिए एकजुट हुई कांग्रेस, अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में देंगे यह तर्क

सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए एक मीडिया समूह को एफआईपीबी मंजूरी देने के लिए अनियमितताएं हुयी.

नई दिल्ली: INX मीडिया केस में कांग्रेस के दिग्गज वकील अमिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम को गिरफ्तारी से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक की लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक पी चिदंबरम को बचाने के लिए कांग्रेस की पूरी टीम लग गई है. थोड़ी ही देर में सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक होने वाली है. कैमरे के पीछे कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि यह समय अपने नेता के साथ एकजुटता दिखाने की है.

सिंघवी ने कहा है कि वे लोग कोर्ट में चिदंबरम के ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करेंगे. वे कोर्ट को बताएंगे कि CBI (केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने जब कभी भी पी चिदंबरम को समन भेजा है वो निश्चित समय और दिनांक पर वहां उपस्थित हुए हैं. उन्होंने एजेंसी को हर तरीके से जांच आगे बढ़ाने में मदद की है इसलिए उनकी गिरफ्तारी का कोई सवाल ही नहीं उठता है.

मंगलवार को शाम करीब तीन बजे दिल्ली हाईकोर्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद तीनों दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी के चेंबर में पहुंचे और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की.

सिंघवी हाई कोर्ट के फ़ैसले पर देरी करने के बिलकुल मूड में नहीं थे. उन्होंने कहा, ‘इस मामले में सात महीने पहले ही सुनवाई हुई थी लेकिन फैसला सुरक्षित रखा गया था. इसके बावजूद कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कतरने का फ़ैसला शाम 4 बजे सुनाया जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि अब हम इस मामले को आज सुप्रीम कोर्ट में भी नहीं ले जा सकते हैं.’

उन्होंने कहा कि हमारी पहली कोशिश होगी की हाई कोर्ट द्वारा पी चिदंबरम के अग्रिम जमानत खारिज करने के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने INX मीडिया केस में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से मंगलवार को इनकार कर दिया था.

न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने चिदंबरम को राहत देने से इनकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी ने सिब्बल को चिदंबरम की याचिका रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष रखने को कहा जो इसे प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखने के बारे में फैसला करेंगे.

सिब्बल ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) सूर्य प्रताप सिंह से मुलाकात की और उन्हें स्थिति बताई.

वरिष्ठ वकील ने पीटीआई को बताया कि न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) ने कहा है कि वह उन्हें चिदंबरम की याचिका पर आगे की कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे.

वकीलों की एक टीम के साथ सिब्बल दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील का उल्लेख करने की संभावना तलाश रहे हैं।

यह विचार विमर्श सुप्रीम कोर्ट में हो रहा है. उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान करने से मना कर दिया.

सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए एक मीडिया समूह को दी गयी एफआईपीबी मंजूरी में अनियमितताएं हुयी थीं.

इसके बाद ईडी ने 2018 में इस संबंध में धनशोधन का मामला दर्ज किया था.

और पढ़ें- भारत-पाक तनाव के बीच अमेरिका की चीन को सख्त चेतावनी- पड़ोसियों को धमकाना बंद करो