सरकार किसान विरोधी है तो एनडीए का हिस्सा क्यों हो, कांग्रेस ने हरसिमरत के इस्तीफे पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद (Congress MP) ने कहा कि आपने कोरोना योद्धाओं (Corona Warriors) की वेतन कटौती का भी फैसला किया. एक तरफ उनके लिए ताली बजा रहे हो और दूसरी ओर इन योद्धाओं के वेतन में कटौती कर रहे हो. यह पूरी तरह से गलत है.

  • Supriya Bhardwaj
  • Publish Date - 1:36 pm, Fri, 18 September 20

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) ने शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) की नेता हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) के इस्तीफे को लेकर निशाना साधा है. बाजवा ने कहा कि यह एक पॉलिटिकल पोजिशनिंग है. अपने अकाली दल के मास बेस को बचाने के लिए यह फैसला लिया है. इस्तीफा तो दिया लेकिन एनडीए का हिस्सा हैं. अगर आप खुद कह रहे हो कि सरकार किसान विरोधी है तो फिर एनडीए का हिस्सा क्यों हो.

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “किसान पढ़ा लिखा है, अपनी अच्छाई और बुराई जानता है. यह कारपोरेट वर्ल्ड को लाना चाहते हैं. किसान अपने आप घर से बाहर निकल रहे हैं, किसी के कहने पर नहीं. वह समझते हैं कि स्थिति कितनी गंभीर है. किसानों को भी ज्यादा पैसा मिलता तो आज दिवाली मना रहे होते, काला दिवस थोड़ी मनाते. अंग्रेजों के समय में ईस्ट इंडिया कंपनी आई थी. रेड किया, कुछ रीड किया और फिर देश पर कब्जा कर लिया.”

राज्यसभा सांसद राजीव सातव ने केंद्र पर बोला हमला

कांग्रेस (Congress) के राज्यसभा सांसद राजीव सातव (Rajya Sabha MP Rajiv Satav) ने जीडीपी (GDP) में आई गिरावट को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आपने 18-18 घंटे काम करके जीडीपी 7.41% से घटाकर -23.9% कर दिया, आपका धन्यवाद कि आपने 24 घंटे काम नहीं किया वरना जीडीपी -50% हो जाती. सातव ने कहा, “15 लाख तो नहीं मिले लेकिन 50 लाख कोरोना केस सामने आ गए. बिना तैयारी के आपने लॉकडाउन किया. आप 21 दिन में कोरोना मुक्त तो कर नहीं पाए, लेकिन यह देश रोजगार मुक्त जरूर हो गया.”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि आपने करोना योद्धाओं की वेतन कटौती का भी फैसला किया. एक तरफ उनके लिए ताली बजा रहे हो और दूसरी ओर करोना योद्धाओं के वेतन में कटौती कर रहे हो. यह पूरी तरह से गलत है.

‘पीएम केयर फंड किसकी केयर कर रहा’

उन्होंने कहा, “पीएम केयर फंड बनाया, वह किसका केयर कर रहा है यह पूरा देश समझ नहीं पा रहा है. साथ ही कितना रुपया आया, इसका हिसाब तक नहीं मिला. हमारे MPLADS जिससे क्षेत्र में लोगों की मदद की जाती है, उसका एक 1 रुपया कहां खर्च हुआ… इसका हिसाब दिया जाता है.”

राजीव सातव ने शायराना अंदाज में कहा-

“ना पूछ शिकायतें कितनी हैं तुझसे,
सिर्फ यह बता कोई और सितम तो बाकी नहीं.”

‘रात के 8:00 बजे ऐसा ऐसा लगता है कि…’

उन्होंने कहा, “रात के 8:00 बजे ऐसा ऐसा लगता है कि कुछ और नया आने वाला है. जब 12 फरवरी को राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा कि आप कोरोना से लड़ने का प्लान बनाओ, तब सरकार लिट्टी चोखा खाने में व्यस्त थी, मनोरंजन करने और मस्ती में व्यस्त थी.”

‘मंत्रियों के लिए अभी नई ऑफिस की क्या जरूरत’

राज्यसभा सांसद ने कहा कि देश का इलेक्शन खत्म हो जाए तो हम विदेश के इलेक्शन में लग जाते हैं. नमस्ते ट्रंप, हमारा अप्रोच यही रहा है. मंत्रियों के लिए अभी नई ऑफिस की क्या जरूरत है? हमारी संसद 100 साल भी पुरानी नहीं हुई.