बीजेपी के डिजिटल वार रूम को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने बनाई ये टीम

कांग्रेस अपनी डिजिटल कैंपेनिंग टीम के लिए लोगों को हायर करने में पिछले काफी समय से लगी हुई थी. पार्टी की ओर से अब इसका कॉन्ट्रैक्ट 36 वर्षीय हरीश चावला और 38 वर्षीय नरेश अरोरा को दिया गया है.
Lok Sabha Election 2019, बीजेपी के डिजिटल वार रूम को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने बनाई ये टीम

नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस का नया डिजिटल वार रूम बनकर तैयार हो गया है. कांग्रेस ने एक आईआईटियन और एक NIFT ग्रेजुएट को भी अपनी डिजिटल कैंपेनिंग टीम में हायर किया है. इन पर देश की 134 साल पुरानी पार्टी को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है.

कांग्रेस अपनी डिजिटल कैंपेनिंग टीम के लिए लोगों को हायर करने में पिछले काफी समय से लगी हुई थी. पार्टी की ओर से अब इसका कॉन्ट्रैक्ट 36 वर्षीय हरीश चावला और 38 वर्षीय नरेश अरोरा को दिया गया है.

इससे पहले हरीश गुरुग्राम स्थित डाटा-पावर्ड एडवरटाइजिंग कंपनी सिल्वरप्लस (SilverPush) और नरेश सूरत स्थित डिजिटल कैंपेन फर्म डिजाइनबाक्स्ड (DesignBoxed) में कार्यरत थे.

इसके साथ ही मीडिया कम्युनिकेशन कंपनी Percept और Niksun को भी इसका हिस्सा बनाया गया है. मालूम हो कि इस डिजिटल वार रूम के लिए एक कोआर्डिनेशन कमिटी का भी गठन किया गया है. इसमें सैम पित्रोदा और पवन खेरा मुख्य भूमिका में होंगे.

#ShutDaFakeUp कैंपेन से टेस्ट
2019 लोकसभा चुनाव में डिजिटल रूप में इन्हें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, इसका टेस्ट शुरू हो चुका है. इन कंपनियों ने पिछले शनिवार को #ShutDaFakeUp कैंपेन शुरू किया था. आगामी 2 अप्रैल से ये पूरे जोर-शोर से अपने काम में लग जाएंगी.

Lok Sabha Election 2019, बीजेपी के डिजिटल वार रूम को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने बनाई ये टीम
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार जनता से संवाद स्थापित करने में लगे हुए हैं.

डाटा-केंद्रित कंपनी सिल्वरप्लस कंटेन्ट निर्माण पर काम नहीं करेगी. बल्कि ये ‘सेंटिमेंट एनालिसिस’ मेथड से अपने काम को आगे बढ़ाएगी. इसका काम पार्टी को इस बात की जानकारी देना कि किस कैंपेंन का लोगों पर किस तरह का प्रभाव पड़ रहा है.

सिल्वरप्लस के लिए ये पहला मौका है जब वो पॉलिटिकल कैंपेनिंग का काम शुरू कर रही है. जबकि अरोरा की डिजाइन बॉक्स्ड कंपनी इससे पहले भी ये काम कर चुकी है. साल 2015 में इसने पंजाब के सांसदों के लिए डिजिटल कैंपेनिंग की थी.

भाजपा पर पड़ेगी भारी?
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का डिजिटल वार रूम काफी पहले से सक्रिय है. डिजिटल कैंपेनिंग में इसे काफी मजबूत माना जाता है. जानकार बताते हैं कि भाजपा ने डिजिटल कैंपेनिंग के लिए की राज्यों में भारी संख्या में लोगों का हायर किया हुआ है.

भाजपा की डिजिटल कैंपेनिंग टीम 2014 लोकसभा चुनाव से पहले से ही सक्रिय है. चुनाव जीतने के बाद भी इस टीम ने लगातार काम किया है.

भाजपा पर झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप भी लगता रहा है. खैर, ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस की नई डिजिटल टीम भाजपा से मुकाबला कर पाती है या नहीं.

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