पीएम मोदी के संबोधन पर बोली कांग्रेस, Lockdown सही पर मिसिंग था इन जरूरी मुद्दों पर जिक्र

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने कहा कि कुछ और भी बातें थी, जिनके बारे में पीएम से देश जानना चाहता था. उन्होंने यह तो बता दिया कि लोगों को देश के लिए क्या करने की जरूरत है, लेकिन यह नहीं बताया कि सरकार क्या-क्या कर रही है?
strategy of the government while lockdown, पीएम मोदी के संबोधन पर बोली कांग्रेस, Lockdown सही पर मिसिंग था इन जरूरी मुद्दों पर जिक्र

देश के पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पीएम मोदी के संबोधन में कोरोनावायरस (Coronavirus) को हराने के लिए सरकार की किसी रणनीति के नहीं होने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि इस महामारी (Pandemic) के खिलाफ लड़ने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) बढ़ाना अनिवार्य है और हम इसका समर्थन भी करते हैं, लेकिन देश के नाम पीएम के संबोधन में रणनीति का जिक्र होना चाहिए था.

मनीष तिवारी ने कहा कि इसके साथ-साथ कुछ और भी बातें थी, जिनके बारे में प्रधानमंत्री से ये देश अपेक्षा करता था. उन्होंने यह तो बता दिया कि लोगों को देश के लिए क्या करने की जरुरत है, लेकिन यह नहीं बताया कि सरकार देशवासियों के लिए क्या कर रही है.

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राज्यों में अस्थाई रूप से रह रहे लोगों के लिए क्या है रणनीति

कांग्रेस नेता ने कहा कि लॉकडाउन के दो मकसद होते हैं– पहला इस बीमारी को फैलने से रोका जाए और दूसरा सरकार, प्रशासन, सरकारी तंत्र, चिकित्सा तंत्र सबको पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त करने का समय मिल जाए. दूसरी ओर   लॉकडाउन के पिछले 21 दिनों में एक सबसे भयानक तस्वीर सामने आई है. अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए हमारे शहरों को चलाने के लिए अपना घर-बार छोड़कर गांव से आते हैं, वो जब लाखों की संख्या में वापस जाने लगे और उनको राज्यों की सीमाओं पर रोका गया, क्वारंटीन (Quarantine) किया गया, कैंपों में रखा गया, तो जिन लोगों के 14 दिन पूरे हो गए हैं, उनको वापस उनके घर पहुंचाने के लिए आप क्या व्यवस्था करेंगे?

तिवारी ने कहा कि क्योंकि ये जो सारा पलायन था, ये 27-28 मार्च के करीब हुआ था, आज 14 अप्रैल है, तो उन सबका 14 दिन का क्वारंटीन पूरा हो चुका है. जो लोग कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) नहीं हैं, क्या आप उन लोगों का टेस्ट करके ऐसी कोई व्यवस्था करेंगे कि वो अपने घर वापस जा सकें? पीएम मोदी ने इस बारे में सरकार की रणनीति का कोई जिक्र नहीं किया.

कोरोना टेस्टिंग को लेकर क्या रणनीति है

मनीष तिवारी ने कहा कि इसी तरह से सबको मालूम है कि इस महामारी के खिलाफ कोई दवा है नहीं. कोई वैक्सीन (Vaccine) अभी तक नहीं बनाई जा सकी है. एक ही तरीका है जिसे कहते हैं कि प्रीएंपशन (Preemption) और प्रिवेंशन (Prevention). प्रीएंपशन और प्रिवेंशन के लिए टेस्टिंग करना बहुत जरूरी है. हम प्रधानमंत्री से हम ये उम्मीद कर रहे थे कि वे देश को ये बताएं कि पिछले 21 दिनों में हमने अपनी कितनी कोरोना टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाया है और आगे टेस्टिंग को लेकर क्या रणनीति है?

क्या केवल हॉटस्पॉट्स में टेस्टिंग होगी? क्या सामूहिक जांच (Community screening) होगी? क्या राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करके इस बारे में आपने कोई रणनीति बनाई है? उसकी जानकारी उन्होंने अभी तक नहीं दी. डॉक्टर्स को, नर्सों को, पैरामैडिकल स्टाफ (Paramedical staff) को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (PPE) चाहिए. इस महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए पिछले 21 दिनों में ये सब पहुंचाने के क्या प्रबंध किए हैं ? इन सबकी कितनी खरीद (Procurement) की गई हैं, कितने राज्यों को दिए गए हैं? उसके बारे में देश के नाम संबोधन में कोई जानकारी नहीं थी.

किसानों और फसल कटाई को लेकर क्या रणनीति

फसलों की कटाई को लेकर क्या रणनीति है, फसल खेतों में खड़ी हैं. किस तरह से आप लोगों को फसल काटने की इजाजत देंगे? फसल काटने वालों के समूह (Combined Harvesters), मध्य प्रदेश में, उत्तराखंड में फंसे हुए हैं. पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश में अब उनकी जरूरत है. उनको किस तरह से आप  वापस आने देंगे? जो सबसे गरीब लोग हैं, जो मनरेगा (MNREGA) के सहारे अपना गुजर-बसर करते हैं., मनरेगा में जो रोजगार हैं, वो फरवरी और मार्च के महीने में  केवल 1 प्रतिशत रह गया है. अप्रैल के महीने में 1.9 लाख परिवारों को रोजगार मिला है, यही आंकड़ा मार्च और फरवरी के महीने में 6 करोड़ और 8 करोड़ था.

कर्मचारियों की छंटनी को कैसे रोकेंगे

कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि हमने मांग की है कि जिनके मनरेगा में एक्टिव जॉब कार्ड (Active job cards) हैं, उनको पूरी मजदूरी या वेतन दी जाए. जिससे वो अपना परिवार चला सकें, अपना घर चला सकें और जिंदा रह सकें. लोगों को फिर से कैसे आपूर्ति शुरू की जा सकेगी?

तिवारी ने पूछा कि सरकार उन मालिकों के खिलाफ क्या एक्शन लेगी जो पीएम की अपील के बावजूद, श्रम मंत्रालय (Ministry of Labor) के निर्देशों के बाद भी अपने कर्मचारियों को इस समय नौकरी से निकाल रहे हैं. कंपनियों में कर्मचारियों की ऐसी छंटनी को रोकने के लिए, ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार क्या कार्रवाई करेगी? उसके बारे में भी संबोधन में कोई जिक्र नहीं किया गया.

खाने-पीने की समस्या को कैसे दूर करेंगे

मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा था कि नेशनल फूड सिक्योरिटी (National Food Security) एक्ट के तहत जिनके पास राशन कार्ड हैं, उनको 30 सितंबर 2020 तक मुफ्त राशन दिया जाए. उनका राशन का कोटा या उसकी अवधि को बढ़ा दिया जाए. जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनके इस समय के खाने की समस्या को दूर करने के लिए, किस तरह से उनको राशन मुहैया करवाएंगे. ये सभी बुनियादी सवाल हैं, जिनके ऊपर एक बड़ी चर्चा की जरूरत है.

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