सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी भी हैं पीएफ स्कीम के हकदार

सुप्रीम कोर्ट अपने एक आदेश में कहा है कि किसी भी कंपनी या संस्था में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नियमित एंप्लॉयीज की तरह ही मिलना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों के लिए एक बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट अपने एक आदेश में कहा है कि किसी भी कंपनी या संस्था में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नियमित एंप्लॉयीज की तरह ही मिलना चाहिए. यह आदेश पवन हंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिया है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड के सेक्शन 2 (f) के मुताबिक कर्मचारी की परिभाषा में वह सभी लोग शामिल हैं, जो संस्थान के लिए काम करते हों. भले ही वे नियमित काम करते हों या फिर किसी तरह के कॉन्ट्रैक्ट पर हो. कोर्ट ने पवन हंस को अपने सभी कॉन्ट्रैक्ट वाले एंप्लॉयीज को पीएफ स्कीम में शामिल करने का आदेश दिया. यही नहीं कोर्ट ने जनवरी 2017 (जब कोर्ट में केस दायर हुआ) से कर्मचारियों को अन्य लाभ दिए जाने का भी आदेश दिया.

बता दें कि सरकार की ओर से प्रस्तावित श्रम सुधार कानून के तहत डिलिवरी बॉयज के तौर पर काम करने वाले लोगों को भी पीएफ और अन्य स्कीमों में शामिल करने का प्रस्ताव है. श्रम मामलों की संसदीय समिति की ओर से भी इस प्रपोजल को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है.

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