भगवान तिरुपति की संपत्ति की नीलामी पर विवाद, बोर्ड ने कहा- अभी नहीं हुआ अंतिम फैसला

Tirupati Balaji Board के अध्‍यक्ष सुब्बारेड्डी ने मामले को तूल पकड़ता देख समीक्षा की बात कह दी है, ताकि सोच-समझकर इस विषय पर आगे बढ़ा जा सके. सुब्बारेड्डी ने कहा कि पिछले बोर्ड ने संपत्ति बेचने का निर्णय लिया और हमने इसकी समीक्षा की.
Lord Sri Venkateswara Swamy, भगवान तिरुपति की संपत्ति की नीलामी पर विवाद, बोर्ड ने कहा- अभी नहीं हुआ अंतिम फैसला

आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर की संपत्ति नीलाम किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. तिरुपति मंदिर की देखरेख ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’ (Tirumala Tirupati Devasthanams)ट्रस्‍ट करता है, जो कि स्‍वतंत्र तौर पर कार्य करता है, लेकिन अब यहां भी सियासत घुस आई है.

तिरुपति मंदिर का प्रशासन संभालने वाले ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’ ट्रस्‍ट के बोर्ड का अध्‍यक्ष का पद कुछ समय पहले आंध्र प्रदेश के सीएम वाई एस जगनमोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) के रिश्‍तेदार वाई वी सुब्बारेड्डी को बनाया गया. सुब्बारेड्डी के पद संभालने के बाद से ट्रस्‍ट के विभिन्‍न फैसलों को लेकर विवाद खड़ा हुआ. ताजा मामला मंदिर की संपत्ति का कुछ हिस्‍सा नीलाम करने को लेकर है. मंदिर की ये संपत्ति तमिलनाडु में स्थित है, जिसे नीलामी किए जाने के फैसले पर आंध्र प्रदेश के विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

बताया जा रहा है कि मंदिर की माली हालत सुधारने के मकसद से ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’ ट्रस्‍ट ने भक्तों की ओर से दान की गई 23 संपत्तियां नीलाम करने का फैसला लिया है. ये सभी संपत्तियां तमिलनाडु में हैं. मंदिर प्रबंधन बोर्ड ने इन संपत्तियों की नीलामी करने के लिए दो समितियां बनाई हैं. इन संपत्तियों में तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में स्थित मकान और खेती की जमीन भी शामिल है.

विपक्षी पार्टियां कर रहीं विरोध

मंदिर की संपत्तियां बेचने को लेकर राज्य की विपक्षी पार्टियां विरोध में उतर आई हैं. आंध्र प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण (Kanna Lakshminarayana) ने कहा कि जगनमोहन रेड्डी ने जब से मुख्यमंत्री का पद संभाला है, हिंदू मंदिरों की संपत्तियों को बेचने में लगे हुए हैं, हम इसका विरोध करते हैं. इस बार वो तमिलनाडु स्थित भगवान बालाजी मंदिर की 23 संपत्तियां बेचना चाहते हैं, अगर प्रशासन इस मामले में पीछे नहीं हटेगा तो हम भी कड़ा रुख अपनाएंगे.

मंदिर प्रबंधन बोर्ड के अध्‍यक्ष ने दी ये सफाई 

भगवान की संपत्ति की नीलामी को लेकर विवाद होता देख ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’ प्रबंधन मीडिया के सामने आया और मामले पर सफाई पेश की. प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन वाई वी सुब्बारेड्डी ने इस संबंध में कहा कि खामख्वाह भगवान बालाजी के मंदिर की जमीन बेचने के मुद्दे पर विवाद हो रहा है. भगवान को दान में मिली संपत्ति बेचने की बात कोई पहली बार नहीं हो रही है. पिछली सरकारों के समय भी ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम’ ने संपत्तियां बेची हैं. मंदिर प्रबंधन ने 1974 से लेकर 2014 तक कई बार संपत्ति बेचीं. चंद्रबाबू नायडू के समय में भी ऐसा हुआ है. हमने कहीं पर यह नहीं कहा कि हम संपत्ति बेचना चाहते हैं, न ही कहीं पर नीलामी के लिए नोटिफाई किया गया है.

कुल मिलाकर सुब्बारेड्डी ने मामले को तूल पकड़ता देख समीक्षा की बात कह दी है, ताकि सोच-समझकर इस विषय पर आगे बढ़ा जा सके.
सुब्बारेड्डी ने कहा कि पिछले बोर्ड ने संपत्ति बेचने का निर्णय लिया और हमने इसकी समीक्षा की. इस मामले में कैसे आगे बढ़ना है, उसका रोडमैप तैयार करने के लिए अधिकारियों को कहा गया था. अगली बोर्ड मीटिंग में इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा होगी और जो भी निर्णय होगा वह इस मनोभाव से ही होगा कि भक्तों की भावना को ठेस न लगे.

सुब्बारेड्डी ने कहा कि वह इस बारे में धार्मिक गुरुओं और विशेषज्ञों से भी सलाह लेंगे. भगवान की कई जगह जो संपत्ति है, उसकी देखरेख करना मुश्किल हो रहा है. साथ ही दूसरों के कब्जा करने की भी आशंका है, उसकी रक्षा कैसे करेंगे, ये सोचा जाएगा. सुब्बारेड्डी ने स्‍पष्‍ट किया कि अभी तक नीलामी के लिए कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है और अगर नीलामी होगी नोटिफिकेशन जारी करके ही होगी, जिससे सभी को इसके बारे में पता चल सके.

Related Posts