ऐशो आराम की हदें पार! तेजस्वी के आलीशान बंगले ने 7 स्टार होटल को भी पीछे छोड़ा

Share this on WhatsAppनयी दिल्ली: बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जो बंगला खाली किया है, इस समय काफी चर्चा में है. सुशील मोदी उसी बंगले में शिफ्ट हुए हैं और हर रोज़ बंगले की पोल खोल रहे हैं. तेजस्वी के बंगले में 42 AC लगे हुए हैं. एक बंगले में इतने AC […]

नयी दिल्ली: बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जो बंगला खाली किया है, इस समय काफी चर्चा में है. सुशील मोदी उसी बंगले में शिफ्ट हुए हैं और हर रोज़ बंगले की पोल खोल रहे हैं. तेजस्वी के बंगले में 42 AC लगे हुए हैं. एक बंगले में इतने AC का क्या काम, जनता ये सवाल पूछ रही है.

तेजस्वी ने जिस बंगले को लेकर पटना हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी, वह बहुत ही खास है. बंगले के बाथरूम में भी एसी लगाया गया है और बाथरूम में सेंसर वाला गेट भी है. सजावट ऐसी है कि सुशील मोदी भी कहने लगे हैं कि इस आलीशान बंगले की देखभाल करना मेरे बस की बात नहीं है. अगर सुशील मोदी की माने तो इस बंगले की साज सज्जा में कम से कम 5 करोड़ रुपये खर्च किये गए होंगे. बंगले में एलईडी टीवी, बाथरूम में सेंसर वाला गेट और जो सोफे लगे हैं, उसकी कीमत 3 से 4 लाख होगी.

18 महीने लड़ी कानूनी लड़ाई
ये बंगला किसी 7 स्टार होटल से कम नहीं हैं. बंगले के ठीक पीछे एक शानदार स्विमिंग पूल है. सारे कमरे में बेहतरीन वुडेन फ्लोरिंग भी है. इस बंगले में तेजस्वी ने अपने एंटरटेनमेंट के लिए एक बड़ा सा पूल टेबल भी लगा रखा था, जहां वो काफी समय बिताते थे. बिहार की पिछली महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी से प्रदेश में बनी (नेशनल डेमोक्रैटिक अलायंस) एनडीए की नई सरकार ने उसे खाली किए जाने का आदेश जारी किया था. इस पर वह हाई कोर्ट तक पहुंचे और लगभग 18 महीने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी.

जब लगा पचास हज़ार रुपये का फाइन
इस बीच पटना हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के आजीवन बंगला सुविधा को असंवैधानिक बताया. पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एपी शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को आजीवन आवास की मिलने वाली सुविधा न केवल असंवैधानिक बल्कि सरकारी धन का दुरुपयोग है. पिछले हफ्ते उच्चतम न्यायालय ने तेजस्वी यादव की अर्ज़ी डिसमिस की, जहां उन्होंने पटना उच्च न्यालय के आदेश को चैलेंज किया था. ये कहते हुए उच्चतम न्यायलय ने तेजस्वी पर पचास हज़ार रुपये का फाइन भी लगाया कि पटना हाईकोर्ट 2 खंडपीठ के आदेश के बावजूद भी उन्होंने उच्चतम न्यायालय में फिर से अपील की.

हाई लेवल जांच बिठाई
तेजस्वी यादव का पूर्व बंगला (5 देशरत्न मार्ग) का मामला अब और तूल पकड़ लिया है. बिहार भवन निर्मान मंत्री महेश्वर हज़ारी ने ‘हाई लेवल की जांच बिठा दी है. कोई भी मंत्री 3 लाख से 5 लाख ही भवन में खर्च कर सकते हैं. या तो तेजस्वी ने अपना पैसा खर्च किया है या उन्होंने विभाग का खर्च किया, अब ये जांच के बाद ही पता चलेगा. इस मामले पर तेजस्वी ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *