‘पूरी दुनिया में एक साथ आया कोरोना’, चीन के इस दावे पर बोले हर्षवर्धन- नहीं मिले ठोस सबूत

अपने "संडे संवाद" कार्यक्रम के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चीन ने दावा किया है कि दुनिया भर में कोरोनोवायरस का एक साथ प्रकोप था, लेकिन इस दावे को मानने के लिए अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (FILE)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को चीन के उस दावे का खंडन किया, जिसमें उसने कहा था कि पूरी दुनिया में कोरोनावायरस का एक साथ प्रकोप था. हर्षवर्धन ने इसके लिए ठोस सबूतों की कमी का हवाला दिया है.

अपने “संडे संवाद” कार्यक्रम के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “चीन ने दावा किया है कि दुनिया भर में कोरोनोवायरस का एक साथ प्रकोप था. हालांकि, यह पुष्टि करने के लिए कि कई केंद्र बिंदु थे. इसकी पुष्टि के लिए एक ही समय पर विभिन्न देशों से कंर्फम और रिकवर किए गए मामलों की एक समान और समय पर रिपोर्टिंग की जरूरत होती है.” उन्होंने कहा कि चीन के इस दावे को मानने के लिए अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं है.

उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि इस बारे में अभी तक कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. इसलिए, चीन के वुहान में आए Covid-19 के मामलों को ही दुनिया भर में कथित तौर पहली रिपोर्ट के रूप में माना गया है.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने संडे समवाद के छठे एपिसोड में सोशल मीडिया इंटरेक्टर्स के कई जिज्ञासु सवालों के जवाब दिए हैं.

“ऑक्सीजन लेवल का कम होना COVID-19 का लक्षण नहीं”

बाजार में मौजूद चीन में बने ऑक्सीमीटर से जुड़े एक और सवाल के जवाब में, डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि “उपभोक्ताओं को बाजार से या ऑनलाइन रिटेलर्स से पल्स ऑक्सीमीटर खरीदते समय ISO/IEC स्पेसिफिकेशन के साथ FDA/CE से मान्यता प्राप्त उत्पादों को खरीदना चाहिए.” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑक्सीजन लेवल का कम होना COVID-19 का लक्षण नहीं है, क्योंकि यह दूसरी किसी बीमारी के कारण भी हो सकता है.

मालूम हो कि पिछले साल 31 दिसंबर को चीन में WHO के कार्यालय ने वुहान में ‘वायरल निमोनिया’के मामलों पर अपनी वेबसाइट से वुहान म्युनिसिपल हेल्थ कमीशन का मीडिया स्टेटमेंट जारी किया था.

ऐसे हुई वायरस की पहचान

इसके बाद 9 जनवरी को, WHO ने बताया कि चीनी अधिकारियों ने पाया है कि एक नोवल कोरोनावायरस के कारण इस तरह के कई मामले सामने आए हैं. बाद में 11 फरवरी को, संगठन ने कहा कि नोवल कोरोनावायरस के कारण होने वाली बीमारी का नाम COVID-19 है.

वहीं जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनिया भर में संक्रमण के 39,681,253 मामले सामने आ चुके हैं और अब तक 1,109,992 लोग इससे अपनी जान गवां चुके है.

देश में कोरोनावायरस ने नहीं बदला रूप, संडे संवाद में बोले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

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