देश में कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं- ये आंकड़ों की बाजीगरी है या नई डिस्चार्ज पॉलिसी का कमाल

यह सच है कि देश में कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं, लेकिन यह भी हकीकत है कि 8 मई से सरकार ने नई डिस्चार्ज पॉलिसी जारी की है. उसके बाद से मरीजों को जल्दी घर भेजा जा रहा है, ऐसे में ठीक होने वाले मरीजों का सरकारी आंकड़ा बढ़ रहा है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:16 pm, Wed, 13 May 20

देश में एक तरफ कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है तो दूसरी तरफ ठीक होने वाले मरीजों की तादद भी कम नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में यह बताया जा रहा है कि किस तरह से देश में ठीक होने वाले मरीज या कोरोना के मरीजों का रिवकरी रेट बढ़िया हो रहा है.

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स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकार बताते हैं कि यह सच है कि देश में कोरोना के मरीज ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन यह भी हकीकत है कि 8 मई से सरकार ने नई डिस्चार्ज पॉलिसी जारी की है. उसके बाद से मरीजों को जल्दी घर भेजा जा रहा है, जिसकी वजह से ठीक होने वाले मरीजों का सरकारी आंकड़ा बढ़ रहा है.

क्या कहते हैं आंकड़े

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में 74 हजार से भी अधिक कोरोना के मरीज हैं, लेकिन इनमें से लगभग 24 हजार ठीक हो चुके हैं. मौत के आंकड़ों की बात करें तो पाते हैं कि कुल कोरोना समंक्रमित 3.25 प्रतिशत मरीजों की मौत हो चुकी है. जबकि रिकवरी रेट 32.82 प्रतिशत है. साथ ही कोरोना के मरीजों का डबलिंग रेट लगभग दस दिनों का है.

नई डिस्चार्ज पॉलिसी के पहले के आंकड़े

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में एक मई को 692, दो मई तो 953, तीन मई को 869, चार मई को 875 लोग ठीक हुए, लेकिन पांच मई से ठीक होने वाले मरीजों की तादाद अचानक से बढ़ी. पांच मई को 1399 मरीज ठीक हुए जबकि 6 मई को ठीक होने वालों का आंकड़ा 1022 और सात मई को 1084 था.

नई डिस्चार्ज पॉलिसी के बाद के आंकड़े

आठ मई को नई डिस्चार्ज पॉलिसी आने के बाद ठीक होने वाले मरीजों के संख्या 1273 हो गई, जबकि 9 मई को 1307, वहीं 10 मई को 1511,  11 मई को 1559 और 12 मई को 1538 मरीज ठीक हुए.

क्या है नई डिस्चार्ज पॉलिसी

कोरोना के मरीजों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो नई डिस्चार्ज पॉलिसी जारी की है, उसके अनुसार केवल कोरोना के अति गंभीर (सीवियर) मरीजों को ही डिस्चार्ज से पहले RTPCR टेस्ट से गुजरना होगा, बाकि कोरोना के मरीज को केवल 10 दिनों में ही मिल सकती है छुट्टी. इसके साथ ही यदि कोरोना के लक्षण आने के 10 दिन बाद और तीन दिनों से यदि बुखार नहीं हो तो बिना किसी RTPCR टेस्ट के मरीज को मिलेगी छुट्टी.

मरीजों को श्रेणियों में बांटा गया

कोरोना के ऐसे मरीज जो अति गंभीर स्थिति में नहीं हैं, उन्हें मॉडरेट श्रेणी में डाला गया, जिसमें-

1. यदि बुखार शुरू होने के तीन दिनों में ठीक हो जाए और अगले चार दिनों ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत नहीं पड़े, ऐसी सूरत में लक्षण आने के दस दिन बाद बिनी किसी RTPCR के डिस्चार्ज किया जा सकता है. बशर्ते की बुखार नहीं और और साथ ही सांस लेने में तकलीफ नहीं हो और ऑक्सीजन की जरूरत न पड़े.

2. बुखार तीन दिनों में नहीं जाए और ऑक्सीजन थेरेपी की जरुरत नहीं हो तो ऐसे मरीज को लक्षण खत्म होने पर और तीन दिनो तक लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़े तो डिस्चार्ज किया जाए, बिना किसी RTPCR टेस्ट के.