Coronavirus: गुजरात के बिगड़ते हालात पर कांग्रेस के सवाल, ‘क्यों नहीं लिया गया कोई एक्शन?’

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat HC) की टिप्पणी के बाद कांग्रेस (Congress) ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा कि इससे पहले न्यायपालिका से इतने कड़े और भर्त्सना के शब्द कभी नहीं सुने हैं.
Coronavirus Congress questions on Gujarat, Coronavirus: गुजरात के बिगड़ते हालात पर कांग्रेस के सवाल, ‘क्यों नहीं लिया गया कोई एक्शन?’

गुजरात (Gujarat) में कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण बिगड़ते हालात पर हाई कोर्ट (Gujarat HC) की टिप्पणी के बाद कांग्रेस (Congress) ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा कि इससे पहले न्यायपालिका से इतने कड़े और भर्त्सना के शब्द नहीं सुने हैं.

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही गुजरात से हैं, बावजूद इसके राज्य के बारे में दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि कभी भी कोर्ट से इतने कड़े शब्द नहीं सुने गए हैं.

कांग्रेस ने पूछे कई सवाल?

सिंघवी ने इस दौरान केंद्र और राज्य से सवाल पूछते हुए कहा, “क्या उनको मालूम है कि प्रधानमंत्री-गृहमंत्री के गृह राज्य में क्या हो रहा है? अगर हां, तो इन मामलों में क्या कोई ठोस एक्शन लिया है? क्या गुजरात के विषय में समान मापदंड अपनाए गए हैं?”

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N-95 मास्क की ज्यादा कीमत वसूलना का आरोप

उन्होंने राज्य सरकार पर N-95 मास्क की ज्यादा कीमत वसूलना का आरोप लगाते हुए कहा, “N-95 मास्क को 31% के लाभ पर ₹65 में क्यों बेचा जा रहा है? एक तरफ बिना मास्क के निकलने पर भारी जुर्माना लगाते हैं, दूसरी तरफ ₹49 के मास्क को ₹65 में बेचते हो.” सिंघवी ने आगे कहा कि पूरे देश की जनता इन सवालों के जवाब मांग रही है, गुजरात जवाब मांग रहा है. मगर दुर्भाग्य है कि ये जवाब आने वाला नहीं है.

कोर्ट ने डूबते हुए टाइटैनिक जहाज से की गुजरात की तुलना

मालूम हो कि गुजरात हाई कोर्ट ने Covid-19 के कारण बिगड़ती स्थिति पर राज्य सरकार को कड़ी फटकरा लगाई है. इतना ही नहीं कोर्ट ने अहमदाबाद के सिविल अस्पताल को काल कोठरी से भी बदतर बताया है. हाई कोर्ट ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की तुलना ‘डूबते हुए टाइटैनिक जहाज’ से की है.

कोर्ट ने कहा कि गुजरात देश के सबसे ज्यादा पीड़ित 3 राज्यों में से एक है. कोर्ट ने कहा कि गुजरात के स्वास्थ मंत्री को मालूम नहीं कि क्या चल रहा है? शायद वो कभी सिविल अस्पताल के आसपास भी नहीं गए. अदालत ने आगे कहा, “गुजरात सरकार ने जिन निजी संस्थाओं को टेस्ट के लिए नोटिफाइड किया था, वहां भी प्राइवेट टेस्टिंग को प्रतिबंधित कर दिया है और सरकारी अस्पताल से लिखवाकर लाने पर ही शायद वो टेस्ट करें.”देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

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