Coronavirus : भारत में विदेशियों के आने पर रोक, 15 अप्रैल तक वीजा सस्‍पेंड

कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के बीच भारत सरकार ने देश में आने वाले विदेशियों की एंट्री पर 15 अप्रैल तक तक रोक लगा दी है.

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्‍यक्षता में बुधवार को निर्माण भवन में कोरोनावायरस (Coronavirus) से निपटने को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स (GOM) की दूसरी मीटिंग हुई. इस बैठक में कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्‍यक्षता वाली ‘कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज’ ने GoM के सामने कई सिफारिशों को रखा, जिन पर विचार करने के बाद कई अहम फैसले लिए गए.

GoM में लिए गए ये बड़े फैसले

  • कोरोनावायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के बीच भारत ने विदेशियों की एंट्री पर अगले महीने तक रोक लगा दी है. केंद्र सरकार ने विदेशों से आने वाले लोगों पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी है, जबकि भारतीयों के आने पर उन्हें 14 दिन तक आइसोलेशन सेंटर में निगरानी में रखे जाने का निर्णय लिया है.
  • GOM के फैसलों के मुताबिक, सिर्फ राजनायिकों, अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को हवाई मार्ग से इस दौरान प्रवेश कि इजाजत दी जाएगी. वीजा रद्द किए जाने के निर्णय पर 13 मार्च से अमल शुरू होगा, जो कि 15 अप्रैल तक जारी रहेगा.

  • ओसीआई कार्डधारकों को दी जाने वाली वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा 15 अप्रैल, 2020 तक के लिए निलंबित की गई. यह 13 मार्च 2020 को 12.00 बजे से लागू होगी.
  • 15 फरवरी 2020 के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया गणराज्य, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी गए भारतीयों समेत सभी आने वाले यात्रियों को कम से कम 14 दिनों की अवधि के लिए निगरानी में रखा जाएगा.

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को GoM की मीटिंग के बाद जारी किया गया, यह आदेश 13 मार्च 2020 को भारत से 12 GMT तक जाने वाली फ्लाइटों पर लागू होगा. इस दौरान अगर कोई विदेशी भारत की यात्रा करना चाहता है तो उसे अपने नजदीकी भारतीय मिशन से संपर्क करना होगा.
  • 15 फरवरी के बाद भारतीयों समेत जो भी यात्री चीन, इटली, ईरान, पिब्लिक ऑफ कोरिया, स्‍पेन और जर्मनी से इंडिया आ रहे हैं, उन सभी को 14 तक निगरानी में रखा जाना आवश्‍यक है.

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