Coronavirus: दुबई-सऊदी से भारत आने वाले कैसे अधिकारियों के रडार से बच निकले

केरल में संक्रामक रोगों के नोडल अधिकारी ने कहा कि गल्फ देशों से आने वाले काफी लोगों की स्क्रिनिंग फरवरी और शुरुआती मार्च में नहीं हो पाई थी. तब गल्फ से भारत आने वाले लोगों को क्वारनटीन में रहने की सलाह भी नहीं दी गई थी.

केरल में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शुक्रवार को केरल में 39 नए केस का पता चला और इनमें से 34 मामले सिर्फ कासरगोड से सामने आए हैं. वहीं, अधिकारियों को पता चला है कि कासरगोड में रहने वाले कई लोग हाल ही में गल्फ देशों से लौट के आए हैं. अब ऐसे लोगों को हाई रिस्क कैटेगरी में डाला जा रहा है और कोरोना वायरस टेस्ट भी किया जा रहा है.

केरल में संक्रामक रोगों के नोडल अधिकारी ने कहा कि गल्फ देशों से आने वाले काफी लोगों की स्क्रिनिंग फरवरी और शुरुआती मार्च में नहीं हो पाई थी. तब गल्फ से भारत आने वाले लोगों को क्वारनटीन में रहने की सलाह भी नहीं दी गई थी.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तब सरकार का फोकस चीन, साउथ कोरिया, ईरान, स्पेन, इटली और जर्मनी से आने वाले यात्रियों पर था. दुबई और सऊदी अरब रडार पर नहीं थे. मार्च के दूसरे हफ्ते तक गल्फ देशों के लोगों की एयरपोर्ट पर स्क्रिनिंग के लिए आदेश जारी नहीं हुआ था.

इसकी वजह से बीते 10 दिनों से कई राज्यों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ी है. उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण 40 लोगों के उस ग्रुप से फैला है जो 6 दिनों के ट्रिप पर दुबई और अबू धाबी गया था. एक अधिकारी के मुताबिक, ग्रुप के कम से कम 15 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं.

वहीं, कासरगोड में एक ही दिन में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन से 6511 लोगों को निगरानी में रखा है. ये लोग 20 फरवरी के बाद जिले में आए थे. इनमें से 127 लोगों को हॉस्पिटल के आइसोलेशन में रखा गया है.

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