लद्दाख तनाव के बीच छठी बार होगी कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक, इस बार MEA के अधिकारी भी रहेंगे मौजूद

कमांडर स्तर की बैठक में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सेना मुख्यालय के अधिकारी भी हिस्सा ले सकते हैं. भारत सरकार ने ये नीति इसलिए अपनाई है ताकि बातचीत के दौरान अधिक से अधिक ठोस परिणाम हासिल किया जा सके.

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पूर्वी लद्दाख इलाके में जारी तनाव के बीच भारत और चीन के बीच कल यानी सोमवार को छठी कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक आयोजित की जाएगी. सूत्रों से मिली जानाकारी के मुताबिक ये बैठक चुशूल/मोल्डो में होगी और इस दौरान पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में मौजूदा सैन्य गतिरोध को लेकर बातचीत की जाएगी. ये बैठक सुबह 9 बजे होनी है.

जानकारी के मुताबिक कमांडर स्तर की बैठक में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सेना मुख्यालय के अधिकारी भी हिस्सा ले सकते हैं. विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं. कमांडर लेवल की बातचीत में अधिक से अधिक ठोस परिणाम हासिल किया जा सके इसके लिए भारत सरकार ने ये रणनीति अपनाई है.

चीन की तरफ से भी उनके राजनयिक आ सकते हैं. कमांडर लेवल की बातचीत में राजनयिक और सेना मुख्यालय के सीनियर ऑफिसर के रहने के मायने-

1. मास्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच पांच बिंदुओं पर बनी सहमति को जमीन पर लागू करवाने का प्रयास

2. संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव WMCC की मीटिंग को लीड करते रहे हैं. विदेश मंत्रालय में चीन डेस्क के प्रभारी हैं. सीमा विवाद को लेकर सबसे ज्यादा अपडेट उनके पास हैं.

3.कमांडर स्तर की बातचीत में इनके रहने से बातचीत को हैंडल करने में मदद मिलेगी

4. इस बातचीत को लेकर हम गंभीरता से कोशिश कर रहे हैं, इसका भी प्रमाण है.

5. जरूरत पड़ने पर नेगोसिएशन के दौरान ऑन स्पॉट फैसले लिए जा सकेंगे.

6. LAC पर तनाव घटने से एक माहौल बनेगा ताकि निकट भविष्य में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात हो सके.

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