गर्भाशय प्रत्यारोपण से पैदा हुई देश की पहली बच्ची राधा हुई एक साल की

19 मई 2017 को राधा की मां मीनाक्षी ने गर्भाशय प्रत्यारोपण कराया था.

बीते शुक्रवार को प्रत्यारोपित गर्भाशय से पैदा होने वाली देश की पहली बच्ची राधा एक साल की हो गई. उसके माता-पिता मीनाक्षी और हितेश वलान ने गुजरात के भरूच जिले में स्थित अपने घर में पार्टी रखी. पुणे के गैलेक्सी केयर हॉस्पिटल में, जहां राधा पैदा हुई थी वहां उसकी तस्वीरों के अलबम जारी किया गया.

हितेश ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ‘मेरी पत्नी और बेटी ने समझौते किए. वो किसी साधारण बच्ची की तरह है. क्यों न एक और चांस लेकर हम दो हमारे दो वाले परिवार का सपना पूरा किया जाए.’ हितेश घर चलाने के लिए सैलून चलाते हैं.

2009 में शादी करने के बाद मीनाक्षी के दो बच्चे मृत पैदा हुए जबकि चार बार गर्भपात हो गया. इतना सब होने के बाद मीनाक्षी का गर्भाशय खराब हो गया. उनकी मां सुशीला ने उनके लिए अपना गर्भाशय डोनेट करने का प्रस्ताव दिया और 19 मई 2017 को प्रत्यारोपण सफल हो गया.

उस वक्त 18 और 19 मई को देश में पहली बार एक के बाद एक गर्भाशय का प्रत्यारोपण किया गया. ये न डॉक्टरों के लिए आसान था, न ही डोनर व मरीजों के लिए, क्योंकि ऑपरेशन के पहले और बाद में उन्हें बहुत सी चुनौतियों से गुजरना था.

गर्भाशय प्रत्यारोपण देश में 2017 से पहले नहीं सुना गया था. इन दो मामलों के बाद गैलेक्सी केयर हॉस्पिटल को 1000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं जिनमें विदेशियों के आवेदन भी शामिल हैं.

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