एयरसेल-मैक्सिस डील: अदालत ने पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम की अंतरिम राहत 9 अगस्त तक बढ़ाई

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि कहा कि CBI और ED जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी वो जाएंगे. पी चिदम्बरम और कार्ति चिदम्बरम दोनों सांसद है. दोनों के खिलाफ कभी भी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का मामला नहीं आया है.

नई दिल्ली: दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने एयरसेल-मैक्सिस मामले पर सुनवाई करते हुए पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की अंतरिम राहत 9 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी, सीबीआई के स्पेशल जज ओपी सैनी 9 अगस्त को जमानत पर सुनवाई करेंगे और 19 अगस्त को कोर्ट CBI और ED दोनों की चार्जशीट पर संज्ञान लेंगे.
कोर्ट में क्या क्या हुआ ?

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम के लिए की तरफ से पैरवी करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि ED कहती है कि एस भास्कर रमन पूछताछ के लिए नहीं आये तो पी चिदम्बरम की अंतरिम राहत रद्द होनी चाहिए. ये कैसे हो सकता है? भास्कर रमन एक स्वतंत्र सीए है. उनकी मां की तबियत खराब है वो नहीं गए इसमें पी चिदम्बरम क्या कर सकते है?
इतना ही नहीं कपिल सिब्बल ने आगे दलील देते हुए कहा कि ED आज तक कोर्ट में यही कहती आई है कि वो सिंगापुर जा रहे हैं. यहां जा रहे है वहां जा रहे है, कागजात आने वाले हैं तारीख लेते रहे लेकिन वो कागजात आज तक नहीं आये.

उनके पास चिदम्बरम के खिलाफ एक भी डॉक्यूमेंट नहीं है और वो जमानत का विरोध कर रहे हैं. पी चिदम्बरम ने शिकायत की कॉपी मांगी उन्होंने नहीं दी गई, मुझे ये जानने का हक है किस तरीके की शिकायत मेरे खिलाफ है। ये केवल तारीख पर तारीख मांग रहे है और हो कुछ नहीं रहा है. केवल कोर्ट के समय बर्बाद हो रहा है.

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि कहा कि CBI और ED जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी वो जाएंगे. पी चिदम्बरम और कार्ति चिदम्बरम दोनों सांसद है. दोनों के खिलाफ कभी भी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का मामला नहीं आया है. दोनों को जमानत कोर्ट को दे देना चाहिए. ताकि डिग्निटी के साथ रह पाए.

ED और CBI ने मांगा समय
ED और CBI दोनों ने कोर्ट से आगे की सुनवाई के लिए समय मांगा. लेकिन चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने विरोध करते हुए कहा कि ED और CBI एक साल से कोर्ट का समय बर्बाद कर रही है.

क्या है पूरा मामला ?
मामला 2006 में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम द्वारा एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड यानि ( FIPB ) की मंजूरी दिलाने से जुड़ा है.
जांच एजेंसियों का आरोप है कि तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने 3,200 करोड़ रुपए के इस सौदे को मंजूरी देने में अपने पद का दुरुपयोग किया क्योंकि नियमानुसार 600 करोड़ रुपए से ज्यादा के विदेशी निवेश की मंजूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति देती है, जबकि इस मामले को समिति के पास भेजे बगैर ही सौदे को मंजूरी दे दी गई थी.

CBI ने मामले में IPC की धारा 120B और PC एक्ट की धारा 7, 1213 (2) के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी, CBI ने कुल 18 लोगों को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की गई थी. जबकि ED ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

इससे पहले बुधवार को ED ने अदालत से पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित करने के लिए कहा था. ED ने कोर्ट से गुजारिश करते हुए कहा था कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एक अगस्त को बहस करने के लिए नहीं आ पाएंगे लिहाजा सुनवाई अगस्त के अंतिम हफ्ते में की जाए. लेकिन कोर्ट ने ED की मांग को खारिज़ कर दिया था, गुरूवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई 9 अगस्त और चार्जशीट पर संज्ञान के लिए 19 अगस्त मुकर्रर की है, कोर्ट ने दोनों को गिरफ्तारी से मिली छूट को भी 1 अगस्त से 9 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है.