कश्मीरी को बोनट में बांधकर घुमाने वाले मेजर लड़की से दोस्ती कर फंसे, जानें क्या हुआ हश्र

2017 में पत्थरबाजी करने वाले एक युवक को जीप के आगे बांधने की वजह से चर्चा में आया था बडगाम जिले में तैनात मेजर गोगोई

श्रीनगर: पत्थरबाजों से निपटने के लिए मानव ढाल बनाने को लेकर चर्चा में आए सेना के मेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. यह जानकारी रविवार को सेना के सूत्रों ने दी.

सूत्रों के अनुसार एक स्थानीय निवासी महिला से दोस्ती करने को लेकर उनकी वरिष्ठता कम की जा सकती है. मेजर गोगोई 2017 में विवादों में तब आए जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में अपनी ड्यूटी के दौरान पत्थबाजी करने वाली भीड़ से निपटने के लिए एक कश्मीरी युवक को जीप के आगे बांधकर मानव ढाल बनाई थी.

स्थानीय महिला से दोस्ती करने में मेजर गोगोई की मदद करने वाले उनके ड्राइवर समीर माला को भी कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया का सामना करना पड़ा है. सूत्रों ने बताया कि उनको बड़ी फटकार मिल सकती है. मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ फरवरी में एविडेंस मिलने के बाद कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की गई. दोनों को दो आधार पर दोषी पाया गया है.

इन्हें निर्देश के विपरीत स्थानीय महिला से दोस्ती करने और सैन्य-अभियान क्षेत्र में कार्यस्थल से दूर होने को लेकर उन्हें दोषी माना गया है. मेजर गोगोई को जम्मू-कश्मीर में विद्रोह का सामना करने के लिए राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन में तैनात किया गया था. बताया जाता है कि मेजर गोगोई के संपर्क में यह महिला फेसबुक के जरिये आयी थी.

ऐसे मचा बवंडर
पुलिस ने मेजर के साथ उनके ड्राइवर और एक स्थानीय महिला को 2018 में तब हिरासत में लिया था, जब वे एक स्थानीय होटल में गए थे. वहां होटल के मैनेजर ने उन्हें रात्रि विश्राम के लिए कमरा देने से मना कर दिया था. यह मामला ज्यादा तूल तब पड़ा, जब यह सामने आया कि पकड़ा गया अधिकारी वह है, जिसने बड़गाम जिले में उपचुनाव के दौरान एक स्थानीय युवक को मानव ढाल बनाया था.