संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले, जेलों में गोसेवा से घटी कैदियों की आपराधिक भावना

मोहन भागवत ने कहा कि जिन जेलों में गोशाला खोली गई है वहां गोसेवा करने वाले और बाकी कैदियों के स्वभाव में अंतर आने की बात मुझे कुछ जेलर्स ने बताई है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि जेलो में गाय की सेवा करने से कैदियों की मानसिकता में तेजी से सुधार होता है. पुणे में शनिवार को गोसेवा पुरस्कार समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जेल के अधिकारियों ने हमें अपना अनुभव बताया है. उनके मुताबिक गाय को पालने वाले कैदियों की अपराधिक प्रवृति कम होती है.

उन्होंने कहा कि जिन जेलों में गोशाला खोली गई है वहां गोसेवा करने वाले और बाकी कैदियों के स्वभाव में अंतर आने की बात मुझे कुछ जेलर्स ने बताई है. गोसेवा से कैदियों की आपराधिक प्रवृति कम हुई है.

हैदराबाद और उन्नाव में गैंगरेप और पीड़िता की बेरहमी से हत्या के बाद संघ सरसंघचालक भागवत का यह बयान बहस को बढ़ाने वाला है. इसके पहले उन्होंने किसी भी कांड का जिक्र किए बिना महिला सुरक्षा के लिए बच्चों को घर से ही शिक्षित और संस्कारित करने पर जोर दिया था. न्होंने कहा था कि सरकार पर सब कुछ छोड़ देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बच्चों को घरों से ही शिक्षित करना होगा, ताकि महिलाओं को देखने का उनका नजरिया अच्छा हो.

हैदराबाद गैंगरेप और पीड़िता महिला डॉक्टर की जलाकर हत्या करने के आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया. इसेक बाद तेलंगाना पुलिस की एक तारीफ हो रही तो दूसरी ओर उनपर सवाल भी उठ रहे हैं. वहीं बिहार के दरभंगा, बक्सर, समस्तीपुर जिलों में ऐसी घटना के सामने आने से देश में महिला सुरक्षा पर राजनीति और आंदोलन तेज हो गए हैं.

वहीं उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गैंगरेप पीड़िता को आरोपियों ने जिंदा जलाने की कोशिश की थी. इसमें पीड़िता 95 फीसदी तक जल गई थी. इसके बाद पीड़िता को पहले लखनऊ के अस्पताल और फिर बाद में दिल्ली के सफदरजंग में भर्ती कराया गया था. हालांकि पीड़िता को बचाया नहीं जा सका था.

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