Inside Story: दरवेश से पहले मनोज पर चलाई थी हमलावर ने गोली

एक बाद एक 4 गोली चलीं और जीत की खुशी अचानक मातम में तबदील हो गई. हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया.
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आगरा: अधिवक्ता यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गई दरवेश यादव की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या करने के बाद युवक मनीष शर्मा ने खुद को भी गोली मार ली थी. आगरा की अधिवक्ता दरवेश यादव यूपी बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गई थीं. वह बुधवार को आगरा पहुंचीं थीं, जहां दीवानी परिसर में उनका स्वागत कार्यक्रम चल रहा था.

दरवेश यादव की हत्या के वक्त उनकी भांजी कंचन यादव और उनका एक रिश्तेदार मनोज यादव भी साथ थे. गोलीकांड से पहले सभी दरवेश की जीत से खुश थे. लेकिन कुछ देर में ही वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा का चैंबर इस हत्याकांड का गवाह बन गया.

एक बाद एक 4 गोली चलीं और जीत की खुशी अचानक मातम में तबदील हो गई. हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया. मौके पर रहे लोगों के मुताबिक जब मनीष ने पहली गोली चलाई तो दरवेश तेजी से चिल्लाई थी. वो मनीष को रोकना चाहती थी. लेकिन मनीष ने बिना रूके 4 गोली चला दी.

पहली गोली दरवेश पर नहीं चलाई

पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी मनीष शर्मा ने पहली गोली दरवेश के रिश्तेदार मनोज यादव पर चलाई थी. लेकिन वो नीचे की तरफ झुक कर बच गया था. इसके बाद मनीष ने दो गोली दरवेश यादव पर चला दी. एक गोली उसके सीने में लगी और दूसरी पेट में. चौथी गोली मनीष ने खुद को मार ली.

ये सवाल उलझा

इस पूरी वारदात के बाद एक सवाल का जवाब पुलिस के लिए उलझा हुआ है कि आखिर मनीष शर्मा ने मनोज यादव पर गोली क्यों चलाई. उन दोनों के बीच में क्या विवाद था या कोई दुश्मनी थी. पुलिस को अगर इस सवाल का जवाब मिल जाता है, तो इस केस को सुलझने में आसानी होगी.

पहले ही लोड कर ली थी पिस्टल

दरवेश यादव स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में मौजूद थीं. वहां कई अधिवक्ता और अन्य लोग भी थे. कोर्ट परिसर में मौजूद में कुछ अधिवक्ताओं के हवाले से जानकारी मिली है कि एडवोकेट मनीष बाबू शर्मा ने अरविंद मिश्रा के चैंबर में जाने से पहले अपनी पिस्टल लोड की थी. यानी वह पहले से ही इस वारदात को अंजाम देने की तैयारी करके आया था.

मनोज पर गोली चला दी

चश्मदीदों के मुताबिक मनीष अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में जाकर तेज आवाज़ में बोल रहा था. तभी उसे दरवेश यादव ने रोका और समझाने की कोशिश की. इसी दौरान वहां मौजूद दरवेश के रिश्तेदार मनोज ने भी मनीष को टोक दिया. बस इसी बात से मनीष आपा खो बैठा. उसने पिस्टल निकली और मनोज पर गोली चला दी. लेकिन मनोज तेजी से नीचे झुक गया और गोली उसे नहीं लगी.

चुनाव में दरवेश का प्रचार किया

जब दरवेश यादव ने साल 2004 में वकालत शुरू की थी. तभी से मनीष बाबू शर्मा और वो दोनों दोस्त थे. जब दरवेश ने 2011 में पहली बार काउंसिल का चुनाव लड़ा था, तब मनीष ने उसके लिए रात दिन मेहनत की थी. इसके बाद भी मनीष ने हर चुनाव में दरवेश का प्रचार किया. उसकी मदद की. यूपी बार कॉउसिंल के चुनाव में भी मनीष ने दरवेश के पक्ष में जमकर मेहनत की थी.

साथी वकीलों ने मनीष को बुलाया

यूपी बार काउंसिल की नवनिर्वाचित चेयरमैन दरवेश का जब स्वागत समारोह था इस बारे में मनीष को पता नहीं था. उसे वहां ना पाकर कुछ वकीलों ने मनीष को फोन किया और वहां समारोह में आने के लिए बुलाया. अधिवक्तागण चाहते थे कि मनीष और दरवेश के बीच जो मनमुटाव है, वो खत्म हो जाए. साथियों के कहने पर मनीष शर्मा कोर्ट परिसर में आ गया.

भतीजे ने कराई FIR

इस हत्याकांड के संबंध में दरवेश यादव के भतीजे सनी यादव ने मुकदमा दर्ज कराया है. जिसमें मनीष बाबू शर्मा के अलावा उसकी पत्नी वंदना शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है. सनी के मुताबिक उसकी बुआ दरवेश की गाड़ी, गहने और चैंबर पर मनीष ने कब्जा कर रखा था. कई बार तकादा करने पर भी वे उनकी गाड़ी और गहने वापस नहीं कर रहे थे.

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