मनोज तिवारी के खिलाफ मान‍हानि केस में दर्ज हुआ गवाह का बयान, 9 जुलाई को अगली सुनवाई

अब 9 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई होगी उस दिन कोर्ट बहस के बाद यह तय करेगा कि इस मामले में मनोज तिवारी और हरीश खुराना को समन किया जाए या फिर नहीं. 

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और प्रवक्ता हरीश खुराना के खिलाफ मानहानि मामले में आज दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में एक और गवाह पवन चौहान का बयान दर्ज किया गया.

गवाह ने कोर्ट को क्या बताया ?

गवाह पवन चौहान ने कोर्ट को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से उनको केजरीवाल पर हमले में शिकायतकर्ता के शामिल होने की जानकारी मिली. इस घटनाक्रम से काफी आहत हुए और एक बार उन्हें ऐसा लगा कि राजनीति में शायद ऐसा ही होता है. क्योंकि दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और हरीश खुराना का दावा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार के दौरान थप्पड़ मारने वाला कोई नहीं बल्कि शिकायतकर्ता सुशील कुमार ही है. एक बार के लिए उन्हें लगा केजरीवाल को सुशील कुमार ने ही थप्पड़ मारा था, ये जानकर पवन कुमार को बहुत ठेस पहुंची, लेकिन जब उन्होंने शिकायतकर्ता सुशील कुमार से इस संबंध में बात की तो पता चला कि मनोज तिवारी का दावा गलत था और केजरीवाल को थप्पड़ किसी और ने मारा था. दोनों के इस बयान से शिकायतकर्ता सुशील कुमार की व्यक्तिगत हानी हुई है.

9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

अब 9 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई होगी उस दिन कोर्ट बहस के बाद यह तय करेगा कि इस मामले में मनोज तिवारी और हरीश खुराना को समन किया जाए या फिर नहीं.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल 4 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान एक युवक द्वारा थप्पड़ मार दिये जाने के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और प्रवक्ता हरीश खुराना ने एक प्रैस कांफ्रेस कर उस युवक को आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बताया था. जिसके बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सुशील चौहान ने मनोज तिवारी और खुराना के खिलाफ 13 म‌ई को मानहनि का मुकदमा दायर किया था.

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