बंद होने की कगार पर जेट एयरवेज, बेड़े में बचे सिर्फ 5 विमान; तेज हुई राजनीति

संकटग्रस्त जेट एयरवेज के कर्मचारियों की निराशा चरम पर पहुंच चुकी है, क्योंकि कंपनी बंद होने के करीब है. ऐसे में लगभग 20,000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है.
जेट एयरवेज, बंद होने की कगार पर जेट एयरवेज, बेड़े में बचे सिर्फ 5 विमान; तेज हुई राजनीति

नई दिल्ली.  वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने अस्थायी रूप से कंपनी को बंद करने के लिए कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये की अंतरिम निधि की मांग की, जबकि कंपनी का वर्तमान परिचालन बेड़ा घटकर पांच विमानों का रह गया है. साथ ही इस संकट के कारण कंपनी के लगभग 20,000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है . इसी बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में ट्वीट कर राजनीति तेज कर दी है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “‘विकास’ पूछ रहा है : प्रधान जी बहुत ‘उड़ान-उड़ान’ कर रहे थे, तो फिर जेट एयरवेज को बचाने के लिए उसके हज़ारों कर्मचारियों की आवाज़ क्यों नहीं सुन रहे हैं? लगता है ये प्रधान जी अपने कार्यकाल में सबसे ज़्यादा लोगों का रोज़गार छीनने का विश्व रिकार्ड बना कर ही हमेशा के लिए जाएंगे.” 

एक दिन पहले बेड़े में 7 विमान थे, अब पांच हैं   

सिविल एविएशन मंत्रालय के सचिव प्रदीप सिंह खरोला के मुताबिक, एयरलाइन ने मंगलवार को केवल पांच विमानों का ही संचालन किया है, जबकि एक दिन पहले इसकी संख्या सात थी. वर्तमान नियमों के तहत किसी एयरलाइन को अपने एयर परिचालन परमिट को जारी रखने के लिए कम से कम पांच विमानों का परिचालन करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जेट के एयरपोर्ट के स्लॉट खाली है और उन्हें अन्य एयरलाइनों को अस्थायी आधार पर फिर से आवंटित किया जा रहा है.

जेट को बचाने के लिए कर्जदाता प्रतिबद्ध 

मंत्रालय द्वारा स्लॉट के मुद्दे के समाधान के लिए एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और एयरलाइंस के साथ बैठक की उम्मीद है. हालांकि, एयरलाइन के लेनदारों ने कहा है कि वे इसके पुनरुद्धार के लिए प्रतिबद्ध हैं.  पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के प्रबंध निदेश्क और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने कहा कि अंतरिम राहत निधि मुहैया कराने के लिए चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा, “कर्जदाता जेट एयरवेज को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एसबीआई और एसबीआई कैपिटल एक पैकेज पर काम कर रही है, लेकिन इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है.”

उद्योग की अंदरूनी जानकारी रखनेवाले सूत्रों ने बताया कि जेट एयरवेज ने कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये के अंतरिम वित्त पोषण प्राप्त की मांग की थी, ताकि एयरलाइन के सभी ऑपरेशनल बेड़ा अस्थायी रूप से बंद होने से बचाया जा सके.

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