केरल के सोना तस्करी मामले में कस्टम डिपार्टमेंट ने तेज की जांच

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन (Pinarayi Vijayan) ने उच्च शिक्षा मंत्री के.टी. जलील (KT Jaleel) का बचाव करते हुए उन्हें क्लीन चिट दी और कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उनके इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता है.

केरल के सनसनीखेज सोने की तस्करी मामले (Gold Smuggling Case in Kerala) की जांच कर रहे कस्टम डिपार्टमेंट ने सोमवार को अपनी जांच के हिस्से के रूप में एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से UAE वाणिज्य दूतावास के लिए एक सामान की खेप ले जाने वाले वाहन के मालिक और उसके ड्राइवर से पूछताछ की. पूछताछ में दोनों ने इस बात से इनकार किया है कि उन्हें बैग में रखे सामान के बारे में कोई जानकारी थी.

बता दें कि कस्टम के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी सोने की तस्करी मामले (गोल्ड स्मगलिंग केस) की जांच कर रही है.

मामले में आया केरल के उच्च शिक्षा मंत्री का भी नाम

मामले में केरल के उच्च शिक्षा मंत्री के.टी. जलील (KT Jaleel) का भी नाम आ रहा है, जिनसे प्रवर्तन निदेशालय और NIA ने पूछताछ की है और अब कस्टम द्वारा बुलाए जाने की पूरी संभावना है.

कस्टम डिपार्टमेंट ने ही सोना तस्करी मामले का खुलासा किया था और इस मामले में 5 जुलाई को UAE वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी पी.एस. सरिथ (PS Sarith) की पहली गिरफ्तारी की थी. तब से लेकर अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें एक हाई प्रोफाइल महिला स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) भी शामिल हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी भी थीं और बाद में केरल सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट) से जुड़ीं.

मुख्यमंत्री विजयन ने किया के टी जलील का बचाव

जलील ने बताया कि वह स्वप्ना सुरेश को जानता था और उसे सिर्फ कुरान और खजूर पहुंचाने के लिए कहा गया, जो उसने किया. केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन (Pinarayi Vijayan) ने जलील का बचाव करते हुए उन्हें क्लीन चिट दी और कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उनके इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता है. बता दें कि विपक्ष जलील के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहा है.

जलील के बचाव में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के सचिव कनम राजेंद्रन (Kanam Rajendran) भी उतर गए. उन्होंने कहा कि किसी से पूछताछ के आधार पर इस्तीफा नहीं हो सकता. ऐसा केरल में कभी नहीं हुआ. राजेंद्रन ने कहा कि चूंकि राज्य में अगले साल चुनाव होने वाले हैं, इसलिए यह मुद्दा छाया रहेगा और शायद जांच भी लंबी चलती रहे. (IANS)

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