20 फीट ऊंचे पुल से शव गिराकर दाह संस्कार करने को मजबूर दलित, जानिए क्या है मामला?

दलितों के साथ भेदभाव के मामले तो अक्सर उजागर होते हैं लेकिन मौत के बाद भी शव के अंतिम संस्कार के लिए जिस तरह दलितों को संघर्ष करना पड़ रहा है वो हैरतअंगेज़ है.

तमिलनाडु के वेल्लोर में अब तक दलितों के साथ भेदभाव का सिलसिला जारी है. इसका उदाहरण एक वीडियो के ज़रिए देखने को मिला. पलार नदी के किनारे दाह संस्कार के लिए कुछ दलितों को भारी  मशक्कत करनी पड़ी. वीडियो में साफ दिख रहा है कि दलितों को क्या कुछ झेलना पड़ रहा है. अचरज की बात है कि ये नया नहीं है बल्कि चार साल से ये सिलसिला जारी है.

दलित समाज के लोगों को दाह संस्कार के लिए पहले तो ओवरब्रिज (20 फीट ऊंचे) से शव को रस्सियों के सहारे नीचे लटकाना पड़ता है. उसके बाद नीचे खड़े लोग शव को संभालते हैं और अंतिम संस्कार करते हैं. जानकारी के मुताबिक नारायणपुरम दलित कॉलोनी के रहनेवाले 55 साल के कुप्पन की सड़क हादसे में जान चली गई थी. पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव को परिवारवालों को सौंप दिया. इसके बाद समाज के कई लोगों की मौजूदगी में शव को पलार नदी के किनारे लाया गया. अंतिम संस्कार के लिए सभी जरूरी रिवाज करने के बाद लोगों ने नदी के किनारे ब्रिज से रस्सी के सहारे कुप्पन का शव लटकाया और फिर उनका दाह संस्कार किया.


कहा जा रहा है कि पुल बनने के बाद से ही नदी के किनारे वाली ज़मीन पर दूसरी जाति के लोगों ने कब्ज़ा जमा लिया था. इसके बाद कब्जा करनेवालों ने दलितों को अपनी ज़मीन से निकलने नहीं दिया. कुप्पन के भतीजे विजय के मुताबिक हम पहले यहां शव के दाह संस्कार के लिए आए थे पर गार्ड ने हमें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी.इसके बाद हमने यह सोचकर कि कोई विवाद ना हो ब्रिज से शव को गिराना ही उचित समझा. 

एक और निवासी कृष्णन ने कहा कि गांव में शव दाह के लिए जगह नहीं है. ऐसे में गांव के अधिकांश लोग नदी किनारे ही आते हैं. हमें इसकी भी इजाजत नहीं है. ऐसे में मजबूरन शव को पुल से गिराना पड़ता है और फिर अंतिम संस्कार करना पड़ता है. हम लोगों को 4 साल से ऐसा करना पड़ रहा है. वैसे दलितों ने साफ-साफ जातिगत आधार पर भेदभाव का आरोप तो नहीं लगाया है लेकिन वो प्रशासन से नाराज़ हैं क्योंकि दाह संस्कार की उचित व्यवस्था कभी हो ही नहीं सकी. वेल्लोर कलेक्टर एएस सुंदरम से बात की गई तो उन्होंने कहा, मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है.जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.