बेटी का मन रखने के लिए इंस्पेक्टर पापा ने सरकारी हथियार से चलवा दीं कई राउंड गोलियां, सस्पेंड

डीसीपी ने बताया कि 'वीडियो मैंने देखा. कुछ आरोप पहली नजर में सिद्ध हुए हैं. जबकि कुछ बिंदुओं की जांच अभी गहराई से की जानी बाकी है.'

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बच्चों की कोई-कोई जिद और उनके अजीबो-गरीब शौक कभी-कभी बड़ों पर भारी पड़ जाते हैं. दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर के साथ भी ऐसा ही हुआ. मन रखने को इंस्पेक्टर पापा ने सरकारी हथियार से कई राउंड गोलियां नौसिखिया बिटिया से चलवा दीं. घटना का वीडियो वायरल हुआ तो दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया. घटना 13 सितंबर को दिन के वक्त हुई बताई जाती है. घटना की पुष्टि आईएएनएस से खास बातचीत में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली जिला की उपायुक्त (डीसीपी) विजयंता आर्या ने की है.

डीसीपी ने आईएएनएस को बताया, “वीडियो मैंने देखा. कुछ आरोप पहली नजर में सिद्ध हुए हैं. जबकि कुछ बिंदुओं की जांच अभी गहराई से की जानी बाकी है. लिहाजा, उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि पूरा सच व परिस्थितियां सामने आ सकें. लापरवाह आरोपी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस लाइन में ‘रिजर्व-इंस्पेक्टर’ (आरआई या पुलिस लाइन प्रभारी) के पद पर करीब तीन साल से तैनात हैं.”

सुरक्षा बल या पुलिसकर्मी ही कर सकते इस्तेमाल
जिला पुलिस उपायुक्त के मुतबिक, आरोपी इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे. वीडियो देखने के बाद मैंने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. वायरल वीडियो में ब-वर्दी इंस्पेक्टर पिता जिला पुलिस लाइन में सरकारी हथियार (9 एमएम बोर की प्रतिबंधित पिस्तौल, जिसे सुरक्षा बल या फिर पुलिसकर्मी ही इस्तेमाल कर सकते हैं) से निशानेबाजी की प्रैक्टिस कराते साफ-साफ नजर आ रहे हैं.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक उच्च-पदस्थ आला आईपीएस अधिकारी ने नाम न खोले जाने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “वीडियो में सब कुछ साफ है. जिला पुलिस लाइन की शूटिंग रेंज साफ-साफ नजर आ रही है. आरोपी इंस्पेक्टर और उसका ब-वर्दी एक मातहत, दूसरा मातहत सफेद रंग की टी-शर्ट पहने हुए हैं. ये सब मिलकर सादा लिबास में मौजूद लड़की (आरोपी इंस्पेक्टर की बेटी) हाथ में सरकारी पिस्तौल से शूटिंग-रेंज पर निशाना लगा कर गोलियां दाग रही है.”

आईएएनएस के पास मौजूद वीडियो में, लड़की द्वारा चलाई जा रही गोलियों की आवाज साफ-साफ सुनाई दे रही है. लड़की को गोलियां चलाने को प्रोत्साहित करने वालों की आवाजें भी वीडियो में साफ सुनाई दे रही हैं. वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी भी काफी दूर मौजूद पुलिस लाइन की दीवार से सटी खड़ी दिख रही है.

‘एडिशनल डीसीपी को सौंपी गई जांच’
डीसीपी विजयंता आर्या ने भी आईएएनएस से बातचीत में माना, “ड्यूटी में कोताही मिली तभी मैंने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया है. चूंकि मामले में फंसा लापरवाह अफसर इंस्पेक्टर के पद पर पोस्टिड था. इसलिए मैंने घटना की जांच किसी सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी से न कराकर, जांच का जिम्मा एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी को दिया गया है.”

किन-किन बिंदुओं की जांच होगी? पूछे जाने पर डीसीपी ने आईएएनएस से कहा, “ड्यूटी में लापरवाही. सरकारी हथियार का निजी इस्तेमाल. सरकारी हथियार रखने में लापरवाही बरतना. पुलिस की शूटिंग रेंज में सिविलियन (बाहरी इंसान) को लाकर गैर-कानूनी तरीके से निशानेबाजी कराना. जो लड़की जिला पुलिस लाइन में प्रतिबंधित सरकारी बोर के पिस्तौल से गोलियां चलाती दिखाई दे रही है, क्या उसके पास हथियार रखने या चलाने का अधिकृत हथियार-लाइसेंस है?”

पूरे घटनाक्रम के केंद्र-बिंदु रहे और निलंबित किए जा चुके आरोपी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने आईएएनएस को बताया, “जो होना था सो हो गया. क्या कह सकता हूं? सब कुछ तो वीडियो में दिखाई दे रहा है. अभी मैं कार चला रहा हूं. आपको तो पता ही है कि आजकल ट्रैफिक कानून कितने सख्त हो गए हैं. कार को किनारे लगाकर बाद में बात करूंगा.”

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