लाल रंग के लिफाफे में बंद तिहाड़ पहुंचा निर्भया आरोपियों का ‘डेथ वांरट’, 3 नंबर जेल के पास है ‘मौत की कोठरी’

तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने बताया कि निर्भया केस के दोषियों मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को जेल नंबर तीन में फांसी दी जाएगी है.
Nirbhaya Gang Rape Case to Hanging Order, लाल रंग के लिफाफे में बंद तिहाड़ पहुंचा निर्भया आरोपियों का ‘डेथ वांरट’, 3 नंबर जेल के पास है ‘मौत की कोठरी’

नई दिल्ली: निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था. निर्भया की मौत के गुनहगारों के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ‘डेथ वारंट’ जारी किया. डेथ वारंट लाल रंग के लिफाफे में बंद कर तिहाड़ जेल भिजवा दिया गया है. अदालत के इस फैसले के बाद मेरठ के जल्लाद पवन ने कहा है कि वह निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयार है.

चारों आरोपियों को फांसी पर लटकाने के लिए पवन जल्लाद का नाम सामने आ रहा है. लेकिन अभी तक पवन को इसकी सूचना नहीं दी गई. इस मामले में पवन ने कहा, “जेल प्रशासन की ओर से अब तक किसी ने उससे संपर्क नहीं किया है. अगर मुझे आदेश आता है तो मैं जरूर जाऊंगा. उन्हें फांसी पर चढ़ाकर मुझे, निर्भया के माता-पिता और हर किसी को सच में बहुत सुकून मिलेगा.”

तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने बताया कि निर्भया केस के दोषियों मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को जेल नंबर तीन में फांसी दी जाएगी है. अभी तीन दोषी जेल नंबर दो में हैं और एक को जेल नंबर चार में रखा गया है. आइए आपको बताते हैं तिहाड़ जेल की उस कोठरी के बारे में जहां फांसी दी जाती है.

तिहाड़ में फांसी का तख्ता जेल नंबर-3 में है. ये वहीं जेल है जिसमें संसद हमले के दोषी आतंकवादी अफजल को रखा गया था. जेल नंबर-3 में प्रवेश करने के बाद सीधे हाथ की ओर फांसी की कोठरी के लिए रास्ता जाता है. यहां फांसी की कोठरी से लगते हुए ही 16 हाई रिस्क सेल हैं. यहीं करीब 50 स्कवॉयर मीटर जगह में फांसी की कोठरी बनाई गई है. इसके गेट पर हमेशा ताला लगा रहता है.

निर्भया के साथ साल 2012 में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मौत के गुनहगारों के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ‘डेथ वारंट’ जारी किया. अदालत के इस फैसले के बाद मेरठ के जल्लाद पवन ने कहा है कि वह निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयार है.

पवन ने कहा, “जेल प्रशासन की ओर से अब तक किसी ने उससे संपर्क नहीं किया है. अगर मुझे आदेश आता है तो मैं जरूर जाऊंगा. उन्हें फांसी पर चढ़ाकर मुझे, निर्भया के माता-पिता और हर किसी को सच में बहुत सुकून मिलेगा.”

पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने डेथ वारंट जारी किया. उन्होंने दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी देने का निर्देश दिया है.

पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर मामले में दोषी पाए गए हैं. दोषियों के वकीलों ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव याचिका दायर करेंगे. सभी दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी दायर कर सकते हैं.

Related Posts