मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना सिर्फ एक कॉस्मेटिक जीत है: ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि 2008 में हाफिज सईद को भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया था. मगर उनको कोई फर्क नहीं पढ़ा. वो पाकिस्तान में सुरक्षित हैं. उसको वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है.
मसूद अजहर, मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना सिर्फ एक कॉस्मेटिक जीत है: ओवैसी

हैदराबाद: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग्लोबल आतंकी घोषित करने के बाद बीजेपी ने कहा कि ये तो शुरुआत है. इस पर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को हैदराबाद में कहा कि प्रधानमंत्री की एक बुरी आदत है कि हर चीज को अपना कामयाबी बता देते हैं.

ओवैसी ने आगे कहा, “मेरी राय से ये एक कॉस्मेटिक थिंग है क्योंकि पहली बार जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बात रखी गई थी जब फ्रांस और चीन ने अड़ंगा डाला था. उस समय ऊरी, पठानकोट, पुलवामा, संसद और कश्मीर पर हमलों का जिक्र लिखी गई थी. इन पांचों जगहों पर हमलों का जिम्मेदार मसूद अजहर को माना गया था. मगर इस बार आप किसी का जिक्र नहीं करते, सिर्फ उसका नाम लिखा है, इस पर आप कैसे समझौता कर लेते हैं? जबकि विक्टिम हम हैं, भारत के नागरिक, भारत के जवान हैं.”

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं, क्या मसूद अजहर पठानकोट के हमले, ऊरी के हमले, पुलवामा के हमले, संसद पर हमले का जिम्मेदार नहीं है? प्रधानमंत्री ने इस बार क्यों समझौता कर लिया, क्योंकि पीड़ित हम हैं, हमारे देशवासी हैं, देश के फौजी हैं?”

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि इसके पहले 2008 में हाफिज सईद, लकवी को भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया था. मगर उनको कोई फर्क नहीं पढ़ा. वे पाकिस्तान में सुरक्षित हैं. उनको वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है. हाफिज सईद अभी भी जनसभा कर रहा है. चुनाव लड़ रहा है. लकवी जेल में रहते हुए भी बाप बन गया. अभी भी वे हमें नुकसान पहुंचा रहे हैं.

ओवैसी का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री सोच रहे हैं कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर देने से बहुत बड़ी कामयाबी है, तो गलत सोच रहे हैं. इसमें उनकी कामयाबी नहीं है. ये जो गोरे हैं खेल, खेल रहे हैं. भारत को कह रहे हैं आपकी कामयाबी, पाकिस्तान को कह रहे हैं आपकी कामयाबी, चीन कह रहा है हमारी कामयाबी, यूएस कह रहा है हमारी कामयाबी. मगर पीड़ित हमारे देशवासी हैं, उसने हमारे नागरिक पर हमला किया, पीड़ित पाकिस्तान के या चीन के नहीं हैं, पीड़ित भारत के हैं.

उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को समझौता नहीं करना चाहिए था. ओवेसी ने कहा, “प्रधानमंत्री को चीन के साथ क्या अग्रीमेंट हुई है, उसमें ट्रांसपरेंसी लानी चाहिए. इसीलिए कह रहा हूं कि ये कॉस्मेटिक विक्ट्री है.”

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