Diwali 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी की आराधना, जानें सही पूजा विधि

दीपावली इस साल एक खास संयोग लेकर आई है. लगभग पचास साल बाद दिवाली पर रविवार को लक्ष्मी योग बन रहे हैं.

दीपावली, दो शब्दों से मिलकर बना है- दीप और आवली. दीप का अर्थ होता है दीपक और आवली का अर्थ होता है पंक्ति. यानी कि दीपों की पंक्ति. दीपावली का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है. इस साल यह त्योहार 27 अक्टूबर यानी रविवार को मनाया जा रहा है.

दीपावली इस साल एक खास संयोग लेकर आई है. लगभग पचास साल बाद दिवाली पर रविवार को लक्ष्मी योग बन रहे हैं. विद्या, बुद्धि, विवेक, धन, धान्य, सुख, शांति और समृद्धि के मंगलयोग के बीच देवी भगवती का आगमन होगा. मां लक्ष्मी की पूजा करते समय शुभ मुहूर्त का जरूर ख्याल रखें.

पूजा विधि:
मां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा चौकी पर लाल वस्त्र के ऊपर स्थापित करें. मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. लक्ष्मी की प्रतिमा गणेश के दाहिनी ओर रखें और उसके साथ ईशान कोण में कलश स्थापित कर दें. घी का दीपक कलश के पास और तेल का दीपक गणेश के पास रखा हो.

‘ओम गं गणपताय नम:’ और ‘ओम श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ इन मंत्रों का जाप करें. इस दिन मां लक्ष्मी के साथ गणेश पूजन, कुबेर का भी पूजन किया जाता है. लक्ष्मी को लाल कमल पुष्प विशेष प्रिय है. आपको इस दिन 108 कमलपुष्पों व कमलवीजों से लक्ष्मी के 108 नामों के अर्चन करना चाहिए.

खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त:

सुबह 08:10-11:55 तक

दोपहर 01:35-02:50 तक

शाम 05:40-रात 10:20 तक.

निशिता मुहूर्त- रात 11:40 से 12:25

वृष लग्न- शाम 06:45 से रात 08:25 तक

सिंह लग्न- रात 01:15 से 03:20 तक.

दीपावली के पांच दिवस मुख्य हैं. लेकिन सभी बातों के संयोग से दीपावली का पर्व कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, धनतेरस, नरक चौदश, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज इन पांच दिनों तक देश के कोने-कोने में मनाया जाता है.

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